रेगुलर कर्मचारियों, पेंशनरों और आश्रितों को मिलेगा व्यापक कैशलेस इलाज; सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश जारी
रेगुलर कर्मचारियों, पेंशनरों और आश्रितों को मिलेगा व्यापक कैशलेस इलाज; सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश जारी
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बागवानी और मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को बड़ी राहत प्रदान की है। राज्य सरकार ने दोनों विभागों के कर्मचारियों को व्यापक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा योजना में आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया है। यह कदम लंबे समय से इन विभागों द्वारा उठाई जा रही मांगों को देखते हुए लिया गया है और इससे हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अब बागवानी और मत्स्य पालन विभाग के नियमित (रेगुलर) कर्मचारी, पेंशनर्स, उनका परिवार और उनके आश्रित समान रूप से इस योजना के पात्र होंगे। इस योजना के तहत लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। यानी अब कर्मचारियों को इलाज के लिए पहले से भुगतान करने या बिल भरने की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। सभी चिकित्सा खर्च योजना के दायरे में आने पर सीधे सरकार द्वारा वहन किए जाएंगे।
व्यापक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा (CCHFE) योजना 1 नवंबर 2023 से राज्य में सफलतापूर्वक लागू की गई थी। शुरुआत में इसे कई बड़े विभागों में लागू किया गया था, और अब सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से और अधिक विभागों तक विस्तारित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसी क्रम में बागवानी और मत्स्य पालन विभाग को भी इस योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलों के सिविल सर्जनों को निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे दोनों विभागों के कर्मचारियों को योजना से संबंधित सुविधाओं को सुचारू रूप से उपलब्ध करवाएं और यह सुनिश्चित करें कि अस्पतालों में लाभार्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके साथ ही, संबंधित विभागों के कर्मचारियों की जानकारी पोर्टल पर अपडेट करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है, ताकि योजना का लाभ तुरंत प्रभाव से दिया जा सके।
सरकार का दावा है कि CCHFE योजना राज्य के कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है। यह योजना न केवल समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराती है, बल्कि आर्थिक बोझ को भी कम करती है। कई बार गंभीर बीमारियों या अचानक आने वाली चिकित्सा जरूरतों के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता था, वहीं अब कैशलेस सुविधा के तहत ऐसी सभी चिंताओं को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।
बागवानी और मत्स्य पालन विभाग के कर्मचारियों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह योजना उनके लिए बड़ी राहत है और इससे उनके परिवारों को भी सुरक्षित महसूस होगा। सरकार आने वाले दिनों में अन्य विभागों को भी इस योजना के दायरे में शामिल करने पर विचार कर रही है।
यह निर्णय निश्चित रूप से प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करेगा तथा उनकी चिकित्सा जरूरतों को लेकर बढ़े भरोसे की भावना को भी प्रोत्साहित करेगा।
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