मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट घोषणा को किया पूरा, मरीजों को घर के नजदीक सुलभ और किफायती इलाज की सुविधा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बजट घोषणा को किया पूरा, मरीजों को घर के नजदीक सुलभ और किफायती इलाज की सुविधा
ख़बर ख़ास, चंडीगढ़ :
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वर्ष 2025–26 के बजट में की गई महत्वपूर्ण घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए मंगलवार को सिविल सचिवालय से 17 जिलों में डे-केयर कैंसर सेंटर (डीसीसीसी) का वर्चुअल उद्घाटन किया। इससे पहले पांच जिलों में ये सेंटर शुरू किए जा चुके थे और अब कुल 22 जिलों में ये केंद्र संचालित हो रहे हैं। इस पहल से राज्यभर में कैंसर उपचार सेवाओं का विकेंद्रीकरण सुनिश्चित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी कदम बताते हुए कहा कि इन केंद्रों का उद्देश्य कैंसर मरीजों को उनके घर के नजदीक सुलभ और किफायती उपचार उपलब्ध कराना है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह में शामिल हुईं और स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा टीमों को इस उपलब्धि पर बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैंसर एक गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती बनकर उभरा है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) के तहत रोकथाम, जांच और उपचार सेवाओं को सुदृढ़ कर रही है। 30 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए मुंह, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की नियमित जांच की जा रही है।
नए शुरू किए गए केंद्रों पर कीमोथेरेपी, फॉलो-अप उपचार, पेलिएटिव और सहायक देखभाल तथा लक्षण प्रबंधन की सुविधाएं जिला स्तर पर उपलब्ध होंगी। समर्पित कैंसर ओपीडी, दर्द एवं पेलिएटिव केयर ओपीडी तथा उपचार के बाद संरचित फॉलो-अप सेवाएं निःशुल्क प्रदान की जाएंगी। ये केंद्र ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर कार्य करेंगे, जिसमें पीजीआईएमएस रोहतक, नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट झज्जर, सर्वोदय अस्पताल फरीदाबाद और अटल कैंसर केयर सेंटर अंबाला छावनी विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला स्तर पर उपचार मिलने से मरीजों को यात्रा, आवास और अन्य खर्चों में औसतन ₹3.3 लाख तक की बचत हो सकती है। साथ ही, बड़े अस्पतालों पर भार भी कम होगा। राज्य सरकार द्वारा कैंसर मरीजों और एक सहायक को हरियाणा रोडवेज में निःशुल्क यात्रा सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा, सेवाद (SEWA) योजना के तहत वार्षिक आय ₹3 लाख से कम वाले स्टेज III और IV के मरीजों को ₹3,000 प्रतिमाह वित्तीय सहायता दी जा रही है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) डॉ. सुमिता मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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