पहले डीसी ने किया था इनकार, लेकिन स्टेट इलेक्शन कमीशन के निर्देशों के बाद सभी जिलों के लिए चरणवार सामग्री वितरण का कार्यक्रम घोषित
पहले डीसी ने किया था इनकार, लेकिन स्टेट इलेक्शन कमीशन के निर्देशों के बाद सभी जिलों के लिए चरणवार सामग्री वितरण का कार्यक्रम घोषित
खबर खास, हिमाचल :
हिमाचल प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों की तैयारियों ने तेजी पकड़ ली है। लंबे समय से अटकी चुनाव सामग्री के उठान पर अब जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त (डीसी) तैयार हो गए हैं। इससे पहले कुछ जिलों के डीसी ने चुनाव सामग्री उठाने से इनकार किया था और स्पष्ट शेड्यूल की मांग की थी। चुनाव प्रक्रिया में देरी को देखते हुए हिमाचल स्टेट इलेक्शन कमीशन ने सख्त रुख अपनाया, जिसके बाद स्थिति बदली और सभी जिलों के अफसर सामग्री लेने के लिए तैयार हो गए।
बीती शाम कुछ जिलों के डीसी और पंचायतीराज विभाग ने आयोग से मांग की थी कि चुनाव सामग्री उठाने का समय और तारीख स्पष्ट की जाए, ताकि हर जिला निर्धारित व्यवस्था के तहत चुनाव सामग्री को अपने क्षेत्र में पहुंचा सके। उनकी इस मांग के बाद इलेक्शन कमीशन ने तुरंत निर्णय लेते हुए आज पूरे प्रदेश के 12 जिलों के लिए चरणवार शेड्यूल जारी कर दिया।
आयोग द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार 24 नवंबर को सबसे पहले केलांग, काजा, किन्नौर और कुल्लू जिले के डीसी शिमला स्थित प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी विभाग से तैयार चुनाव सामग्री उठाएंगे। इन जिलों को कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लंबी दूरी के कारण पहले प्राथमिकता दी गई है, ताकि समय से सामग्री उनके क्षेत्रों में पहुंच सके।
इसके बाद 25 नवंबर को सिरमौर और ऊना जिलों के डीसी को सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। 26 नवंबर को शिमला जिला प्रशासन, 27 नवंबर को कांगड़ा, 28 नवंबर को मंडी, और 29 नवंबर को सोलन व चंबा जिले अपनी-अपनी चुनाव सामग्री उठाएंगे। शेड्यूल के अंतिम चरण में एक दिसंबर को बिलासपुर और हमीरपुर जिलों के डीसी को सामग्री सौंपी जाएगी।
स्टेट इलेक्शन कमीशन ने सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चुनाव सामग्री उठाने और ले जाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। सामग्री के सुरक्षित परिवहन के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सील पैक लोडिंग, सुरक्षित रूट प्लान और सीसीटीवी निगरानी जैसे उपाय अनिवार्य किए गए हैं।
आयोग का कहना है कि पंचायत चुनाव प्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार हैं और इन्हें निर्धारित समय सीमा में संपन्न करना प्राथमिकता है। यही कारण है कि जिलों में सामग्री उठाने में हो रही देरी पर तुरंत संज्ञान लिया गया।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, सामग्री में बैलेट पेपर, मतपेटियां, चुनाव स्टेशनरी और अन्य आवश्यक प्रपत्र शामिल हैं। चुनाव सामग्री के जिलों में पहुंचते ही ब्लॉक स्तर पर वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी जिलों को निर्धारित समय पर सामग्री उठानी होगी। किसी भी प्रकार की देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। आयोग ने आशा जताई है कि अब पंचायत चुनावों की प्रक्रिया सुचारू और समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगी।
प्रदेश में पंचायत चुनावों की अधिसूचना जारी होने के बाद कई चरणों में नामांकन, स्क्रूटनी और मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आयोग के सख्त और तेज निर्देशों के बाद अब चुनावी तैयारियां पटरी पर लौटती दिख रही हैं।
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