पंजाब में विफल कानून-व्यवस्था पर सांसद सुखजिंदर रंधावा ने उठाए सवाल
केंद्र और राज्य सरकार से पूछा- बॉर्डर पर ड्रोन रोकने को बीएसएफ को कब मिलेगा अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम और अतिरिक्त बल : सांसद रंधावा
2025 के अंत से 2026 की शुरुआत तक 21 से अधिक टारगेट किलिंग, ऑपरेशन प्रहार के तहत 61 विदेशी गैंगस्टर अभी भी सक्रिय
अकेले साल 2025 में 272 ड्रोन बरामद हुए, जबकि ड्रोन तस्करी के मामले 2021 में 3 से बढ़कर 2024 में 179 हुए
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब में बॉर्डर से ड्रोन के जरिए हो बड़े पैमाने पर रही ड्रग्स, हथियारों की तस्करी को लेकर केंद्र में भाजपा की सरकार और पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों के बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीन पर स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। जिसके चलते राज्य में आज भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
कनाडा, यूरोप, अमेरिका और पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर पंजाब में टारगेट किलिंग, उगाही, अपहरण और डकैती का एक समानांतर आपराधिक तंत्र चला रहे हैं। कबड्डी खिलाड़ियों, सरपंचों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और प्रमुख नागरिकों की 2025 के अंत से 2026 की शुरुआत तक 21 से अधिक टारगेट किलिंग सामने आई हैं, जिनमें से अधिकांश सीमावर्ती जिलों में हुई हैं। इन हाई-प्रोफाइल हत्याओं ने सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और पंजाब पुलिस की गंभीर विफलता को उजागर कर दिया है। पंजाब पुलिस भी पिछले कई वर्षों से एक एड-हॉक डीजीपी के अधीन काम कर रही है।
रंधावा ने इस गंभीर सिथति में केंद्र और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से पूछा कि जब 2025 में 272 ड्रोन बरामद हो चुके हैं (औसतन हर महीने लगभग 24 ड्रोन) और आज भी अमृतसर व तरनतारन में हर सप्ताह ड्रोन गिर रहे हैं, तो केंद्र सरकार बीएसएफ को अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम और अतिरिक्त बल क्यों नहीं दे रही है? जब ड्रोन तस्करी के मामले 2021 में 3 से बढ़कर 2024 में 179 हो गए हैं, तो केंद्र सरकार पंजाब सीमा को राष्ट्रीय सुरक्षा आपात स्थिति के रूप में क्यों नहीं ले रही? पाकिस्तान में बैठे हैंडलर और विदेशों में बैठे गैंगस्टर जो पंजाब में हत्याओं और उगाही को संचालित कर रहे हैं, उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?
वहीं जब कबड्डी खिलाड़ी, सरपंच और व्यापारी दिनदहाड़े या शादी समारोहों में मारे जा रहे हैं, तो पंजाब पुलिस कानून-व्यवस्था ठीक होने का दावा कैसे कर सकती है?
पंजाब इस समय एनडीपीएस मामलों में देश में सबसे आगे है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार ऑपरेशन प्रहार के तहत 61 विदेशी गैंगस्टर अभी भी सक्रिय हैं, जो सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड ऐप्स के माध्यम से करोड़ों रुपये की उगाही चला रहे हैं। आज किसान, व्यापारी और यहां तक कि चुने हुए सरपंच भी भय के माहौल में जी रहे हैं।
पाकिस्तान के साथ 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पंजाब के छह जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का से होकर गुजरती है। अंतरराष्ट्रीय सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले जिले, जिनमें श्री मुक्तसर साहिब और मोगा भी शामिल हैं, सबसे अधिक प्रभावित हैं।
सांसद ने आगे जिला-वार स्थिति, हाल की प्रमुख हत्याओं और व्यवस्था की विफलताओं के स्पष्ट तथ्य आपके सामने रखे। बताया कि अमृतसर में ड्रोन से ड्रग्स और हथियार गिराए जा रहे हैं, डोनी बाल और हैप्पी जट्ट गैंग से जुड़े मॉड्यूल सक्रिय हैं। उगाही और टारगेट किलिंग के मामले बढ़ रहे हैं। तरनतारन में गैंगस्टर गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बन चुका है। मियांपुर, हरिके और नौशेरा पन्नुआ जैसे क्षेत्रों में लखबीर लांडा हरिके, सत्ता नौशेरा, प्रभ दासूवाल और अमृत बठ मॉड्यूल सक्रिय हैं। पुलिस थानों पर आरपीजी हमले और खेमकरण व वां जैसे सीमावर्ती गांवों में ड्रोन बरामदगी की कई घटनाएं सामने आई हैं।
फिरोजपुर और फाजिल्का में ड्रोन के जरिए हेरोइन और हथियार बरामद होने की घटनाएं बढ़ी हैं। स्थानीय व्यापारियों को उगाही के लिए निशाना बनाया जा रहा है। गुरदासपुर (बटाला सहित): हैरी चट्ठा, जग्गू भगवानपुरिया और पवित्तर चौरा गैंग से जुड़े मॉड्यूल सक्रिय हैं। ग्रेनेड हमले और हथियार तस्करी के मामले सामने आए हैं। पठानकोट में हथियारों की घुसपैठ और सीमावर्ती अपराधों की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं श्री मुक्तसर साहिब और मोगा में सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले ये जिले ड्रग्स वितरण के महत्वपूर्ण केंद्र बनते जा रहे हैं।
उन्होंने 2025 से अबत क हुई हाई-प्रोफाइल हत्याओं का जिक्र भी प्रमुखता करते हुए कहा कि इससे स्पष्ट है कि पंजाब में कोई भी सुरक्षित नहीं है। कबड्डी खिलाड़ी कंवर दिग्विजय सिंह उर्फ राणा बालाचौरिया*, कबड्डी प्रमोटर, को 15 दिसंबर 2025 को मोहाली में एक टूर्नामेंट के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसकी जिम्मेदारी बंबीहा गैंग ने ली। तेजपाल सिंह (26), राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी, को 31 अक्टूबर 2025 को जगराओं (लुधियाना) में गोली मार दी गई। गुरविंदर सिंह, कबड्डी खिलाड़ी, की नवंबर 2025 में समराला (लुधियाना) में हत्या कर दी गई। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने जिम्मेदारी ली। गगनदीप सिंह, पूर्व कबड्डी खिलाड़ी और बाउंसर, को 5 जनवरी 2026 को जगराओं में गोली मार दी गई।
इतना ही नहीं आप पार्टी के सरपंच (वल्टोहा) जरमल सिंह को 4 जनवरी 2026 को अमृतसर-अटारी रोड पर वेरका में एक शादी समारोह के दौरान गोली मार दी गई। कांग्रेस कार्यकर्ता उमरसीर सिंह को 3 जनवरी 2026 को मोगा के भिंदर कलां गांव में गोली मार दी गई। आप सरपंच (थाथियां महंता, तरनतारन) हरबिंदर सिंह उर्फ हैप्पी संधू, की फरवरी 2026 में एक शादी समारोह में हत्या कर दी गई। इसकी जिम्मेदारी लखबीर लांडा हरिके गैंग ने ली। इसी कड़ी में कुर्ता पायजामा किंग के नाम से जाने जाते संजय वर्मा को 7 जुलाई 2025 को अबोहर में उनके शोरूम के बाहर दिनदहाड़े गोली मार दी गई। वरिष्ठ RSS कार्यकर्ता बलदेव राज अरोड़ा के पुत्र नवीन अरोड़ा (32) को 15 नवंबर 2025 को फिरोजपुर में गोली मार दी गई।
उन्होंने केंद्र में भाजपा की सरकार और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार से पाकिस्तान और विदेशों में बैठे गैंगस्टर सोशल मीडिया के माध्यम से हमलों की जिम्मेदारी लेने वाले और पंजाब में अपराधों का संचालन करने वालों के खिलाफ आधुनिक तकनीक से संयुक्त कार्रवाई करने और जवाबदेही तय करने की मांग की है, ताकि पंजाब के लोग अमन शांति के साथ बिना भय का जीवन जी सकें।
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