बजट को लेकर वडिंग ने दी प्रतिक्रिया कहा: बजट पिछले चार साल से आप द्वारा फैलाए गए झूठों की श्रृंखला का अंतिम अध्याय राज्य का कर्ज कुल बजट से करीब 160 प्रतिशत अधिक
बजट को लेकर वडिंग ने दी प्रतिक्रिया कहा: बजट पिछले चार साल से आप द्वारा फैलाए गए झूठों की श्रृंखला का अंतिम अध्याय राज्य का कर्ज कुल बजट से करीब 160 प्रतिशत अधिक
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राज्य के बजट को आम आदमी पार्टी द्वारा पिछले चार वर्षों से लोगों के बीच फैलाए जा रहे झूठों की श्रृंखला का अंतिम अध्याय करार दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य का कर्ज अब कुल बजट का लगभग 160 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
वड़िंग ने महिलाओं के लिए प्रति माह 1000 रुपये देने के ऐलान पर प्रतिक्रिया देते हुए, कहा कि यह बहुत कम है और बहुत देर से किया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी ने राज्य की सभी महिलाओं को 1000 रुपये मासिक नकद सहायता देने का वादा किया था और इसी वादे के आधार पर बड़ी जीत हासिल की थी। यदि सरकार अपने वादे को लेकर गंभीर होती, तो चार साल के बकाया सहित भुगतान का ऐलान करती, जो हर महिला के लिए 48,000 रुपये बनता है।
उन्होंने कहा कि चार साल तक यह राशि नहीं दी गई और अब जब इसका ऐलान किया गया है, तो यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि महिलाओं को यह पैसा किस तारीख से मिलना शुरू होगा। यह एक पोस्ट-डेटेड चेक की तरह है, जिसके नकद होने की कोई गारंटी नहीं है, क्योंकि आप सरकार के कार्यकाल के अब गिने-चुने दिन ही बचे हैं।
जबकि पिछले चार वर्षों में बढ़े कर्ज का जिक्र करते हुए, वड़िंग ने कहा कि जहां बजट का कुल आकार 2.60 लाख करोड़ रुपये है, वहीं राज्य का कुल कर्ज बढ़कर 4.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो बजट का लगभग 160 प्रतिशत बनता है। उन्होंने कहा कि बजट में यह भी नहीं बताया गया कि इस गंभीर चुनौती से कैसे निपटा जाएगा, जो पंजाब को दिवालियापन की ओर धकेल सकती है।
वड़िंग ने पूछा कि आखिर महिलाओं को 1000 रुपये की राशि कब से मिलनी शुरू होगी। उन्होंने यह चिंता भी जताई कि कहीं आप सरकार महिलाओं को पैसा देने के बजाय इस ऐलान की विज्ञापनबाजी पर ही ज्यादा पैसा खर्च न कर दे। उन्होंने कहा कि पंजाब की महिलाएं आखिरी समय में दिए जा रहे इस मामूली भुगतान के बजाय अपने हक के बकाया सहित पैसे की हकदार हैं।
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि यह ऐलान भी 10 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना की तरह ही अंजाम तक नहीं पहुंचेगा, जो केवल पंजीकरण और पहचान की प्रक्रियाओं में ही उलझ कर रह गई है।
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