सीएम सैनी ने बाबा लक्खी शाह वंजारा जयंती के राज्य स्तरीय समारोह में की अनेक घोषणाएं कुरूक्षेत्र के गांव ईशरगढ़ स्थित बाबा लक्खी शाह बावड़ी का करवाया जाएगा सौंदर्यकरण
सीएम सैनी ने बाबा लक्खी शाह वंजारा जयंती के राज्य स्तरीय समारोह में की अनेक घोषणाएं कुरूक्षेत्र के गांव ईशरगढ़ स्थित बाबा लक्खी शाह बावड़ी का करवाया जाएगा सौंदर्यकरण
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बाबा लक्खी शाह वंजारा जयंती के अवसर पर उन्हें नमन करते हुए घोषणा की, कि राज्य सरकार द्वारा जिला कुरूक्षेत्र के गांव ईशरगढ़ स्थित बाबा लक्खी शाह बावड़ी का सौंदर्यकरण करवाया जाएगा। साथ ही गावं में उनके नाम से सामुदायिक केंद्र का निर्माण और एक मूर्ति की स्थापना भी की जाएगी। इसके लिए उन्होंने अपनी ओर से 31 लाख रूपये और कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार व आरती सिंह राव की तरफ से 11-11 लाख रूपये देने की घोषणा की।
उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि समाज की सहमति से प्रदेश में किसी एक चौक और एक सड़क का नाम बाबा लक्खी शाह वंजारा के नाम पर रखा जाएगा। इसके अलावा, उनके नाम से एक सामुदायिक केंद्र का निर्माण भी करवाया जाएगा।
सैनी ने यह घोषणाएं आज यहां संत कबीर कुटीर पर बाबा लक्खी शाह वंजारा जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह को सम्बोधित करते हुए की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाबा लक्खी शाह वंजारा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने कहा कि वंजारा समाज की और से उन्हें आज पगढ़ी पहनाकर जो मान-सम्मान दिया गया है उसे वह कभी कम नहीं होने देंगे और सदैव इस सम्मान को बढ़ाने के लिए कार्य करते रहेंगे।
बाबा लखी शाह वंजारा ने गुरु भक्ति और साहस का अनूठा उदाहरण पेश किया
प्रदेशवासियों को बाबा लखी शाह वंजारा जयंती की हार्दिक बधाई एव शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा लक्खी शाह वंजारा एक महान बलिदानी, एक सच्चे श्रद्धालु और एक वीर योद्धा थे, जिन्होंने अपने जीवन की आहुति देकर इतिहास में एक अमर गाथा लिखी। उन्होंने कहा कि जब हम भारत की महान संस्कृति, विविधता और बलिदानी परंपरा की बात करते हैं, तो कई महान वीरों की छवि उभरती है, जिन्होंने राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया। बाबा लक्खी शाह वंजारा उनमें से एक थे। वे ऐसे सिक्ख सेवक थे, जिन्होंने गुरु भक्ति और साहस का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसे युगों-युगों तक याद किया जाता रहेगा।
वंजारा समाज संघर्षशील, मेहनती और स्वाभिमानी समाज
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख इतिहास में बाबा लक्खी शाह वंजारा की कुर्बानियां स्वर्ण अक्षरों में लिखी गई हैं। उन्होंने मुगलों का डटकर मुकाबला किया और धर्म की रक्षा के लिए अभूतपूर्व बलिदान दिया। भारत के इतिहास में सम्भवतः यह पहली घटना थी, जब किसी एक परिवार के 112 से अधिक सदस्यों द्वारा शहादत दी गई। उन्होंने कहा कि वंजारा समाज संघर्षशील, मेहनती और स्वाभिमानी समाज है, जिसने न केवल व्यापार और वाणिज्य के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को गति दी है, बल्कि देश की रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सरकार संतों व महापुरुषों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का कर रही काम
सैनी ने कहा कि महापुरुष किसी भी धर्म व जाति के न होकर सभी के होते हैं। उनकी विरासत को संभालने व सहेजने की जिम्मेदारी हम सबकी है। इसलिए सरकार ‘संत-महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना’ के तहत संतों व महापुरुषों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि महापुरुषों ने जो समानता का संदेश दिया है, उसे साकार करने के लिए सरकार ने अनेक ऐसी योजनाएं बनाई हैं, जिनसे समाज के हर वर्ग के गरीब से गरीब व्यक्ति का जीवन स्तर ऊंचा उठ सके। इन योजनाओं से वंजारा समाज का भी उत्थान हो रहा है।
सरकार ने दशकों से बेघर घुमंतू जातियों को मुख्यधारा में लाने का काम किया
उन्होंने कहा कि सरकार ने समाज के अंतिम और वंचित व्यक्ति का उत्थान करने का बीड़ा उठाया है। घुमन्तू जातियों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए इनके परिवारों के पहचान पत्र बनाये गये हैं। अब इन्हें सरकार की सभी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ परिवार पहचान पत्र के माध्यम से दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दशकों से बेघर रही घुमंतू जातियों को एक जगह बसाकर समाज की मुख्यधारा में लाने का काम किया है। सरकार द्वारा करनाल, पलवल व रोहतक शहरों के लिए आवेदन करने वाले घुमंतू जाति के गरीब परिवारों को प्लाट दिए गए है। इसके अतिरिक्त, ‘मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना’ के तहत गरीबों को शहरों में प्लाट देने का काम शुरू किया गया है। इस योजना के पहले चरण में 14 कस्बों और शहरों में भूमि की पहचान कर 15 हजार 256 गरीब परिवारों को आवंटन पत्र सौंपे जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 100-100 वर्ग गज प्लाटों का कब्जा न पाने वाले 4 हजार 532 लोगों को अधिकार पत्र एवं 1-1 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। सरकार ‘डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना’ के तहत अनुसूचित जाति के बी.पी.एल परिवारों को मकानों की मरम्मत के लिए 80 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दे रही हैं। इस योजना के तहत 76 हजार 985 लाभार्थियों को 416 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है।
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