पर्यटन विभाग के आला अधिकारियों के साथ पर्यटन मंत्री ने किया मंथन प्रदेश में विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए दिए दिशा-निर्देश
पर्यटन विभाग के आला अधिकारियों के साथ पर्यटन मंत्री ने किया मंथन प्रदेश में विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए दिए दिशा-निर्देश
खबर खास, चंडीगढ़ :
अरावली की तलहटी में देश-दुनिया में प्रख्यात सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला इस बार विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत के संकल्प पर केंद्रित होगा। शिल्प महाकुंभ के तौर पर दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुके इस मेले में देश के अनूठे और सर्वश्रेष्ठ कलाकार, कलाकृतियां एवं प्रस्तुतियों के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और स्वदेशी को प्रोत्साहन देने वाला वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करेगा। अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले के 39वें संस्करण में प्रादेशिक संस्कृति एवं कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कल्चरल नाइट में विशेष रूप से हरियाणवी कलाकारों की प्रस्तुतियों का आयोजन होगा।
विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता, महाप्रबंधक ममता शर्मा एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हरियाणा सिविल सचिवालय के पांचवें तल स्थित समिति कक्ष में समीक्षा बैठक की। बैठक में 31 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित होने वाले 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले की तैयारियों और प्रदेश भर में चल रही पर्यटन विकास परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने विभाग में मुख्यमंत्री घोषणाओं और बजट घोषणाओं पर भी फीडबैक लिया।
पर्यटन विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता ने बताया कि मेले में विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर सभी तैयारियों पर तेजी से काम किया जा रहा है। मेला परिसर में पर्यटकों की निरंतर बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए कराए जा रहे सिविल वर्क का 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जिसे 20 जनवरी तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था, जन-सुविधाएं और इंटरनेट व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि मेला परिसर तक पर्यटकों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अंतरराज्यीय बस अड्डा कश्मीरी गेट, गुरुग्राम, पलवल, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत आदि जिलों से बसों के रूट निर्धारित कराए जाएं, ताकि मेले का आनंद लेने वाले आमजन को सुविधा मिल सके। उन्होंने मीडिया, सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर के सहयोग से मेले से संबंधित गतिविधियों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया, ताकि मेले को गत वर्ष से अधिक सफल बनाया जा सके।
पर्यटन मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ विभिन्न पर्यटन परियोजनाओं पर भी चर्चा की। निदेशक पार्थ गुप्ता ने बताया कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत टिक्कर ताल, मोरनी तथा यादवेंद्र गार्डन, पिंजौर को विकसित करने के लिए 92 करोड़ रुपये के टेंडर लगाए जा चुके हैं। इसी प्रकार पांच टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स को पीपीपी मोड पर विकसित करने तथा ढोसी की पहाड़ी पर रोपवे परियोजना को लेकर भी मंथन किया गया।
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