सीएम मान ने की ऑल इंडिया एवं केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों से अपील मगसीपा में प्रशिक्षु आईपीएस, आईआरएस एवं अन्य सेवाओं के 32 अधिकारियों के साथ किया विचार-विमर्श
सीएम मान ने की ऑल इंडिया एवं केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों से अपील मगसीपा में प्रशिक्षु आईपीएस, आईआरएस एवं अन्य सेवाओं के 32 अधिकारियों के साथ किया विचार-विमर्श
खबर खास, चंडीगढ़ :
शासन में लोगों को प्राथमिकता देने का स्पष्ट मानदंड स्थापित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऑल इंडिया एवं केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि उनका हर प्रशासनिक फैसला आम आदमी की भलाई एवं राहत के लिए हो।
यहां विशेष फाउंडेशन कोर्स (एस.एफ.सी.) के लिए महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मगसीपा) में पहुंचे 32 आईपीएस, आईआरएस एवं अन्य सेवाओं के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पद के साथ जिम्मेदारी भी आती है और शासन का मूल्यांकन नागरिकों के जीवन पर इसके प्रभाव के माध्यम से किया जाना चाहिए।
उन्होंने ऐसे कार्यक्रम की मेजबानी करने के लिए मगसीपा को बधाई दी कि देश की पांच शीर्ष राज्य प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थाओं में स्थान प्राप्त किया है, जो पंजाब की पेशेवर दृष्टिकोण एवं जवाबदेह प्रशासन को दर्शाता है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे अधिकारियों ने पंजाब सरकार की कई मार्गदर्शक पहलों की सराहना की तथा उनके जमीनी स्तर पर प्रत्यक्ष परिणामों की पहचान की।
यहां अधिकारियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जानकर खुशी हुई है कि लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकादमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन मसूरी के सहयोग से 2021 बैच के इन अधिकारियों के लिए 10 सप्ताह का विशेष फाउंडेशन कोर्स करवाया जा रहा है। इस ग्रुप में आई.पी.एस., भारतीय वन सेवा, आई.आर.एस. (आयकर एवं कस्टम दोनों), भारतीय डाक सेवा, भारतीय सूचना सेवा, भारतीय सिविल लेखा सेवा, भारतीय पी एंड टी वित्त सेवा, भारतीय व्यापार सेवा एवं भारतीय कॉर्पोरेट लॉ सेवा के अधिकारी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बार है कि मगसीपा, लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकादमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन, मसूरी की ओर से विशेष फाउंडेशन कोर्स (एस.एफ.सी.) का प्रबंध कर रहा है। आम तौर पर ऐसे कोर्स राष्ट्रीय अकादमियों जैसे नेशनल पुलिस अकादमी एवं नेशनल अकादमी ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज द्वारा करवाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि मगसीपा के बुनियादी ढांचे एवं शानदार फैकल्टी को ध्यान में रखते हुए मसूरी अकादमी ने इसकी चयन किया है।
उन्होंने कहा कि विशेष फाउंडेशन कोर्स का समय-सारणी बहुत व्यापक है, जिसमें विभिन्न विषयों पर व्याख्यान, फील्ड विजिट (क्षेत्रीय दौरे) एवं अन्य विचार-विमर्श सत्र शामिल किए गए हैं।मुख्यमंत्री ने इन अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि मुझे खुशी है कि ये अधिकारी प्रशिक्षु चंडीगढ़ में हैं, जो विभिन्न संस्कृतियों का संगम है। इस शहर में विशेष रूप से पंजाबियत की मुख्य रंगत देखने को मिलती है। प्रशिक्षु इस शहर एवं पंजाब की गर्मजोशी भरी आतिथ्य का भरपूर आनंद लेंगे।
मान ने अधिकारियों को अवगत कराया कि पंजाब इतिहास, संस्कृति एवं परंपराओं की दृष्टि से बहुत समृद्ध है तथा प्रशिक्षुओं को इस पवित्र धरती से सीखने के अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि मगसीपा एवं इसकी फैकल्टी को भी विभिन्न राज्यों, कैडर/सेवाओं एवं विभिन्न अनुभवों वाले इन अधिकारी प्रशिक्षुओं से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि चंडीगढ़, इस क्षेत्र का मुख्य केंद्र होने के नाते, जनसेवा के क्षेत्र में कई प्रख्यात व्यक्तित्वों का निवास स्थान है, जिनमें से कई ने इन अधिकारियों से मुलाकात की होगी। ये वे अधिकारी हैं, जिन्होंने जनसेवा में दशक लगाए हैं एवं इस क्षेत्र में विशेष मुकाम हासिल किया है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को बताया कि जब से 2022 में मेरी सरकार ने सत्ता संभाली है, पंजाब ने ‘शिक्षा क्रांति’ के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में बेमिसाल प्रगति की है। उन्होंने कहा कि पंजाब न केवल आने वाली पीढ़ियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, बल्कि अपने मौजूदा कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने एवं उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए भी प्रयासरत है ताकि वे पंजाब के लोगों की बेहतर सेवा कर सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पहलू पर विशेष जोर दे रही है कि यह एक निरंतर प्रक्रिया बने एवं शिक्षकों के कौशल को हमेशा निखारा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में मगसीपा ने लगभग 1500 प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए हैं, जिनके माध्यम से प्रशासन एवं शासन के विभिन्न पहलुओं में 50,000 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्रों में विशेषज्ञता, फैकल्टी एवं ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए मगसीपा ने विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं/संगठनों के साथ 33 समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर किए हैं।
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