यह गिरफ्तारी मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद की गई है।
यह गिरफ्तारी मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद की गई है।
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने वन विभाग के दफ्तर जिला नवांशहर में तैनात वन गार्ड तेजिंदरपाल सिंह, वन विभाग के दफ्तर जिला नवांशहर में तैनात शमशेर सिंह (दिहाड़ी मजदूर) और जिला एस.बी.एस. नगर के निवासी चाय बेचने वाले अमरजीत थिंद को 1,10,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
आज यहां यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह गिरफ्तारी मुख्यमंत्री के भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद की गई है। इस शिकायत की जांच के दौरान यह बात सामने आई कि ब्लॉक ऑफिसर चिराग लखोतरा ने तेजिंदरपाल सिंह (वन गार्ड) और शमशेर सिंह (दिहाड़ी मजदूर) के साथ मिलकर शिकायतकर्ता मुहम्मद सलीम, जो वन विभाग की जमीन पर गैर-कानूनी माइनिंग में शामिल था, की तीन गाड़ियां (टिप्पर, जे.सी.बी. और मोटरसाइकिल) जब्त कर लीं और उसकी गाड़ियां वन विभाग के दफ्तर, नवांशहर ले आए।
उन्होंने आगे कहा कि ब्लॉक ऑफिसर चिराग लखोतरा ने शमशेर सिंह (दिहाड़ी मजदूर) के माध्यम से शिकायतकर्ता मुहम्मद सलीम को 6,00,000 रुपये का भारी जुर्माना लगाने की धमकी दी और शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई न करने तथा उसकी जब्त की गई गाड़ियां छोड़ने के बदले 1,50,000 रुपये की रिश्वत मांगी। शमशेर सिंह के सहयोगी अमरजीत थिंद (चाय बेचने वाला) ने मांगी गई उक्त राशि में से 70,000 रुपये (45,000 रुपये नकद और 25,000 रुपये यूपीआई के माध्यम से) प्राप्त किए।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता ने दोबारा उक्त यूपीआई खाते में 40,000 रुपये ट्रांसफर किए। इस प्रकार, कुल 1,10,000 रुपये की राशि शमशेर सिंह के सहयोगी चाय बेचने वाले अमरजीत थिंद को दी गई थी। इसके बाद, शमशेर सिंह ने शिकायतकर्ता को बाकी 40,000 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुए थे।
जांच के दौरान, उक्त कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आई, जिसके चलते विजिलेंस ब्यूरो यूनिट एसबीएस नगर ने इन मुलजिमों को गिरफ्तार कर लिया है। विजिलेंस ब्यूरो ने वन विभाग दफ्तर नवांशहर के ब्लॉक अफसर चिराग लखोतरा के घर और अन्य स्थानों पर छापेमारी करने के लिए टीमें गठित की हैं ताकि उसे जल्द ही गिरफ्तार किया जा सके। इस संबंध में यदि वन विभाग के किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कोई सबूत सामने आता है तो उस अधिकारी के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में इन मुलजिमों के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो पुलिस थाना जालंधर रेंज में भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
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