संधवां ने केंद्र सरकार से की पंजाब के बकाया फंड जल्द से जल्द जारी करने की अपील
संधवां ने केंद्र सरकार से की पंजाब के बकाया फंड जल्द से जल्द जारी करने की अपील
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब विधान सभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पंजाब के प्रमुख मुद्दों को तुरंत हल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ‘पंजाब’ कभी भारत का सबसे समृद्ध राज्य और देश का अन्नदाता था, लेकिन आज केंद्रीय फंड न मिलने के कारण व्यापक आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब को केंद्रीय निवेश और नीतिगत सहायता के मामले में उपेक्षित किया जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि वित्तीय अधिकारों में कमी और केंद्रीय करों में घटती हिस्सेदारी के कारण पंजाब की वित्तीय स्वायत्तता बुरी तरह प्रभावित हुई है, जो हमारे संविधान में दर्शाए गए सच्चे संघवाद की भावना को ठेस पहुंचाती है। पंजाब के मुद्दों में गंभीर जल संकट भी शामिल है। राज्य सतही पानी और भूजल की गंभीर कमी का सामना कर रहा है, जिसका कारण राज्य के दरियाई पानी की अन्य राज्यों में अनुचित वितरण और पंजाब के अधिकार क्षेत्र में स्थित हेडवर्क्स पर नियंत्रण की कमी है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के दरियाई पानी के वितरण में इस भेदभाव ने हमारे जल स्तर को चिंताजनक स्तर तक पहुंचा दिया है और जिसके कारण कृषि स्थिरता के लिए खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि प्रधानमंत्री का दौरा एक नया मोड़ लाएगा और उनकी अगुवाई में इन मुद्दों को तुरंत और सहानुभूतिपूर्वक हल किया जाएगा, जिसका पंजाब हकदार है।
स्पीकर ने केंद्र सरकार के विचार और तुरंत हस्तक्षेप के मांगे प्रस्तुत करते हए कहा कि शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, एस.ए.एस. नगर (मोहाली) पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लिए एक महत्वपूर्ण गेटवे के रूप में कार्य करता है, जबकि श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अमृतसर, राज्य को दुनिया भर के पंजाबी प्रवासियों से जोड़ता है। उन्होंने चंडीगढ़ और अमृतसर हवाई अड्डों से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या में तुरंत वृद्धि करने की प्रार्थना की। उड़ानों की संख्या में तुरंत वृद्धि से पर्यटन और व्यापार में वृद्धि होगी।
पंजाब के किसानों और व्यापारियों को अपनी आय में वृद्धि करने और दलालों पर निर्भरता कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मध्य पूर्वी देशों के साथ एक सड़क व्यापारिक संपर्क को कार्यान्वित करने की मांग की। ऐसा संपर्क हमारे कृषि उत्पादकों, व्यापारियों, विशेष रूप से उत्तरी क्षेत्र के लोगों को अपने ताजा उत्पाद, डेयरी और अन्य वस्तुओं को सीधे निर्यात करने में सक्षम बनाएगा, जिससे हमारे किसान समुदाय के लिए बेहतर कीमतें और आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित की जा सकेगी।
वर्ष 2026 में श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती का सुभाग्य अवसर आ रहा है। आध्यात्मिकता और समाज में उनके महान योगदान को मान्यता देने के लिए, उन्होंने आदमपुर हवाई अड्डे, जालंधर (पंजाब), जो पंजाब के दोआबा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है, का आधिकारिक रूप से नाम बदलकर ‘श्री गुरु रविदास जी हवाई अड्डा’ रखने की प्रार्थना की। यह उपाय उनकी शाश्वत विरासत को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि हवाई अड्डे का नाम बदलने के लिए जल्द से जल्द अनुमति दी जाए ताकि इसका ऐलान श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती संबंधी आयोजित होने वाले समारोहों के दौरान किया जा सके।
चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा की राजधानी है और चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपने की लंबे समय से लंबित मांग को हल किया जाना चाहिए। चंडीगढ़ वास्तव में पंजाब राज्य के किसानों से प्राप्त भूमि पर डिजाइन और विकसित किया गया था, जिन्होंने एक आधुनिक शहर के विकास के लिए अपनी उपजाऊ कृषि भूमि देकर बहुत बलिदान दिए। चंडीगढ़ पर पंजाब का भावनात्मक, ऐतिहासिक और वैध दावा है। चंडीगढ़ को पूरी तरह पंजाब को सौंपने से लंबे समय से लटका मुद्दा हल हो जाएगा।
ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) जारी न करने या देरी से जारी होने के कारण राज्य में ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन और समग्र आर्थिक विकास बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पंजाब की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने, जीवन स्तर को बेहतर बनाने और राज्य सरकार को लोगों के प्रति अपनी विकास प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में सक्षम बनाने के लिए बकाया ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) को तुरंत जारी करना अत्यंत आवश्यक है।
जमीनी क्षेत्र से घिरे हुए राज्य होने के कारण, पंजाब को उच्च परिवहन लागत के कारण निवेश और औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने में लॉजिस्टिकल और परिवहन संबंधी नुकसानों का सामना करना पड़ रहा है। इसके विपरीत, हिमाचल, जम्मू और कश्मीर तथा हरियाणा जैसे राज्यों को विशेष औद्योगिक पैकेज दिए जाते हैं जिसमें कर राहत, सब्सिडी, प्रोत्साहन और व्यवसाय को आसान बनाने के उपाय शामिल हैं। इन पहलों ने उन राज्यों के औद्योगिक क्षेत्र को काफी बढ़ावा दिया है और निरंतर विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाया है। पंजाब के लिए ऐसा समर्पित विशेष पैकेज राज्य के बुनियादी ढांचे के अपग्रेडेशन जैसी व्यापक आवश्यकताओं को पूरा करेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए ऐसे विशेष पैकेज की घोषणा करने की जोरदार अपील की।
बंदी सिंहों की रिहाई का भी उठाया मुद्दा
कई कैदी/बंदी सिंह अपनी पूरी सजाएं पूरी कर चुके हैं लेकिन रिहाई प्रक्रियाओं में लंबी देरी के कारण अभी भी हिरासत में हैं। निर्धारित सजा से अधिक यह लंबी हिरासत गंभीर चिंता का विषय है और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। कानूनी शर्तें पूरी करने के बावजूद उनकी निरंतर नजरबंदी मानवीय चिंताओं को बढ़ाती है। इसलिए उन्होंने प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की प्रार्थना की ताकि यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसे सभी कैदी/बंदी सिंह, जिन्होंने अपनी सजाएं पूरी कर ली हैं, को तुरंत रिहा किया जाए।
मोगा-कोटकपूरा रेलवे लाइन के बारे में दशकों से निवासियों द्वारा लगातार मांग की जा रही है। यह रेलवे लाइन मालवा क्षेत्र में संपर्क को बेहतर बनाने, कृषि उपज की ढुलाई को सुविधाजनक बनाने और निवासियों को आने-जाने संबंधी बेहतर सेवाएं प्रदान करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मोगा-कोटकपूरा रेलवे लाइन को प्राथमिकता के आधार पर बुनियादी ढांचे के प्रोजेक्ट के रूप में तुरंत मंजूरी देने और इस संबंध में फंड आवंटित करने की प्रार्थना की।
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