उन्होंने खुद माना कि वे वह प्रदेश अध्यक्ष भी बनना चाहते हैं और मुख्यमंत्री भी: कुलदीप धालीवाल कहा- जो नेता खुद अपनी महत्वाकांक्षाओं को नहीं दबा पा रहा, वह एकता की बात किस मुँह से कर रहा है