अन्य राज्य भी पंजाब के मॉडल को अपनाने के इच्छुक; प्रधानमंत्री ने किया मान की बात में उल्लेख
अन्य राज्य भी पंजाब के मॉडल को अपनाने के इच्छुक; प्रधानमंत्री ने किया मान की बात में उल्लेख
ख़बर ख़ास, चंडीगढ़ :
पंजाब में सड़क दुर्घटना मृत्युदर में 48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जो Sadak Surakhya Force (SSF) की स्थापना के बाद संभव हुआ। इससे पहले पंजाब सड़क दुर्घटनाओं के मामले में देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल था, लेकिन अब आपातकालीन प्रतिक्रिया, त्वरित प्राथमिक उपचार और बेहतर अस्पताल देखभाल के जरिए कई जानें बचाई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि SSF ने दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों, खासकर संगरूर–पटियाला सड़क, जिसे पहले ‘किलर रोड’ कहा जाता था और जहां रोजाना लगभग तीन मौतें होती थीं, को पूरी तरह सुरक्षित बनाया है। उन्होंने बताया, “आज दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत प्राथमिक उपचार और अस्पताल में उचित इलाज मिल रहा है, जिससे जीवन बचाए जा रहे हैं।”
फरवरी पिछले साल से कार्यरत SSF में 1,597 प्रशिक्षित कर्मी शामिल हैं और उन्हें 144 आधुनिक वाहनों से लैस किया गया है। यह बल 4,200 किलोमीटर लंबी दुर्घटना-प्रवण राजमार्गों पर तैनात है। यह न केवल पेट्रोलिंग करता है, बल्कि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने और दुर्घटना में घायल लोगों की संपत्ति और पैसे सुरक्षित लौटाने में भी मदद करता है।
मुख्यमंत्री मान ने कहा, “प्रधानमंत्री ने मान की बात में सड़क सुरक्षा पर बात की, लेकिन पंजाब ने पूरे देश को Sadak Surakhya Force के जरिए नई दिशा दिखाई।” कई अन्य राज्य अब इस मॉडल को अपनाने और अपनी राज्यों में लागू करने के लिए पंजाब सरकार से संपर्क कर रहे हैं।
साथ ही, पंजाब सरकार 43,000 किलोमीटर लंबी उच्च-गुणवत्ता वाली सड़कें बना रही है, जो ग्रामीण इलाकों को मुख्य राजमार्गों से जोड़ेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “संगरूर–पटियाला रोड, जो पहले रोजाना मौतों के लिए कुख्यात थी, अब पूरी तरह सुरक्षित बन चुकी है।” उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व सरकारों ने इस तरह के गंभीर सार्वजनिक सुरक्षा मामलों पर ध्यान नहीं दिया था।
SSF और बेहतर सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है और आम जनता में सड़क सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ा है। अन्य राज्य अब पंजाब के इस मॉडल को अपनाने के लिए उत्सुक हैं।
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