एमओयू से हर घर स्वच्छ जल के लक्ष्य को मिलेगी नई गति – मुख्यमंत्री 3000 करोड़ रुपये के निवेश से जल आपूर्ति और गुणवत्ता पर होगा फोकस नूहं, पलवल और महेंद्रगढ़ के लिए विशेष जल परियोजनाएं होंगी क्रियान्वित
एमओयू से हर घर स्वच्छ जल के लक्ष्य को मिलेगी नई गति – मुख्यमंत्री 3000 करोड़ रुपये के निवेश से जल आपूर्ति और गुणवत्ता पर होगा फोकस नूहं, पलवल और महेंद्रगढ़ के लिए विशेष जल परियोजनाएं होंगी क्रियान्वित
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा में जल जीवन मिशन के दूसरे चरण को लागू करने के लिए शुक्रवार को वर्चुअल माध्यम से केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में केंद्र सरकार व हरियाणा सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। हरियाणा सरकार की ओर से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू हस्ताक्षरित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री चंडीगढ़ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। इस अवसर पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी तथा मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यशपाल उपस्थित रहे।
सैनी ने कहा कि जल जीवन मिशन-2.0 के अंतर्गत राज्य सरकारों व केंद्र सरकार के बीच साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए आज हुआ यह एमओयू बहुत महत्वपूर्ण है। जल जीवन मिशन के दूसरे चरण में राज्य सरकार का ध्यान केवल जल आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि उसकी गुणवत्ता, स्थिरता और दीर्घकालिक प्रबंधन पर भी केंद्रित होगा। इसके तहत जल भंडारण टैंकों का आधुनिकीकरण, शेष परिवारों को पाइप लाइन जल आपूर्ति से जोड़ना और दक्षिण हरियाणा के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों जैसे नूंह, पलवल और महेंद्रगढ़ में विशेष परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। इन सभी योजनाओं पर लगभग 3000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन के पहले चरण में हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल और पर्याप्त पेयजल की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने का राज्य सरकार ने जो संकल्प लिया, उसे साकार भी किया। वर्ष 2019 में जल जीवन मिशन की जब शुरुआत हुई थी तब हरियाणा में केवल 58 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों में नल का कनेक्शन था, लेकिन सरकार के सतत प्रयासों से 6 अप्रैल, 2022 को ही सरकार ने शत-प्रतिशत कवरेज हासिल कर देश के अग्रणी राज्यों में अपना स्थान बनाया है। यह उपलब्धि हरियाणा के लाखों परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि एक समय था जब महिलाओं को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता था, लेकिन अब महिलाओं को उनके घरों में ही स्वच्छ जल उपलब्ध कराने से आए परिवर्तन सामाजिक सम्मान और जीवन स्तर में सुधार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज हरियाणा में जल आपूर्ति का एक मजबूत और व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित किया जा चुका है। इसमें नहर आधारित हजारों जलघर, टयूबवेल आधारित जलघर और बूस्टिंग स्टेशन शामिल हैं। BISWAS पोर्टल के माध्यम से बिलिंग को पारदर्शी बनाया गया है और बीबीपीएस के जरिए भुगतान को सरल किया गया है। नागरिकों की शिकायत के समाधान के लिए मल्टी चैनल प्रणाली लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल की गुणवत्ता सरकार के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में राज्य के सभी 23 जिलों में एनएबीएल मान्यता प्राप्त अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल परीक्षण वैन तैनात की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश ने विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसमें जल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जल केवल एक संसाधन नहीं बल्कि यह जीवन और सम्मान का प्रतीक है। इसी सोच के साथ हम सभी को इस मिशन को एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना है और यह नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का माध्यम है। यह विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है, इसलिए हम सब मिलकर इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं और हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने के कार्य में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
हरियाणा ने जल जीवन मिशन के पहले चरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य किया हासिल – पाटिल
इस मौके पर नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन के तहत हरियाणा राज्य ने उल्लेखनीय कार्य किया है और पहले चरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल उत्कृष्ट कार्य किया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अधिकारियों और टीम ने समर्पण और दक्षता के साथ कार्य करते हुए हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने में बेहतर कार्य किया है।
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