वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने किया जल आपूर्ति व्यवस्था का औचक निरीक्षण जलघर, एसटीपी और बूस्टर स्टेशनों की सफाई व रखरखाव रखे अधिकारी
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने किया जल आपूर्ति व्यवस्था का औचक निरीक्षण जलघर, एसटीपी और बूस्टर स्टेशनों की सफाई व रखरखाव रखे अधिकारी
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा के लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने आज चंडीगढ़ में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक के दौरान मंत्री ने विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा करते हुए प्रदेश में पेयजल आपूर्ति, सीवरेज व्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जलघर, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तथा अन्य जन स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों की नियमित साफ-सफाई और समुचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से औचक निरीक्षण, समयबद्ध कार्यों पर जोर
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के जलघरों, एसटीपी तथा अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण भी किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने पर जोर दिया।
वाटर वर्क्स और जल गुणवत्ता की व्यापक समीक्षा
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने प्रदेश के विभिन्न वाटर वर्क्स से संबंधित विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पानी के स्रोत, किन-किन क्षेत्रों एवं गांवों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है, वहां की जनसंख्या, जल आपूर्ति क्षमता तथा जल शोधन संयंत्रों (डब्ल्यूटीपी) की स्थिति और कार्यप्रणाली की समीक्षा की। इसके साथ ही जल भंडारण क्षमता, टंकियों की स्थिति, नियमित साफ-सफाई और स्वच्छता मानकों के पालन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
लीकेज और आपूर्ति संबंधी समस्याओं पर कार्रवाई के निर्देश
कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन गांवों में पेयजल की कमी है, वहां चिन्हित कर वैकल्पिक जल स्रोत विकसित किए जाएं। जहां भूजल स्तर कम है, वहां नए ट्यूबवेल या उपयुक्त जल स्रोत विकसित करने की योजना बनाई जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जहां भी पाइपलाइन में लीकेज या दूषित पानी की सप्लाई की शिकायतें हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाए, ताकि लोगों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पानी मिल सके। नई पाइपलाइन बिछाते समय उसे सीवर लाइन से अलग रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि दूषित पानी की समस्या उत्पन्न न हो।
गर्मी के मौसम को देखते हुए विशेष तैयारी के निर्देश
गंगवा ने अधिकारियों को आगामी गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पिछले वर्षों में जल संकट की स्थिति रही है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और जिला प्रशासन,बिजली व संचार विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
साथ ही पानी की बर्बादी रोकने और जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। इस अभियान में स्कूलों, युवाओं,स्थानीय संस्थाओं और ग्राम पंचायतों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
परिसरों में हरियाली और स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक के दौरान जलघर, एनबीएस (न्यू बूस्टर स्टेशन), एसटीपी तथा अन्य जन स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों के आसपास हरियाली बढ़ाने के लिए फूलों और पौधों के रोपण के निर्देश भी दिए गए। मंत्री ने कहा कि इन परिसरों में नियमित सफाई, रखरखाव और हरित वातावरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि परिसर स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक बने रहें। इसके साथ ही सफाई और मेंटेनेंस व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया।
बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा प्रशंसा-पत्र
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन वाटर पंपों की स्थिति संतोषजनक नहीं है, उनके संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर कार्यप्रणाली में सुधार सुनिश्चित किया जाए। वहीं जिन पंपों का संचालन मानकों के अनुरूप पाया गया, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशंसा-पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि विभाग में बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिल सके।
सोलर ऊर्जा और एसटीपी जल के पुन: उपयोग पर जोर
बैठक में ऊर्जा बचत और संचालन लागत कम करने के उद्देश्य से जलघर, एनबीएस, एसटीपी तथा अन्य जन स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों में सोलर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को इन स्थलों पर सोलर प्लांट लगाने की व्यवहार्यता का अध्ययन कर ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि बिजली पर निर्भरता कम हो और पर्यावरण के अनुकूल व्यवस्थाएं विकसित की जा सकें।
साथ ही वर्ष 2028 तक एसटीपी के पानी के पुन उपयोग के लक्ष्य को गति देने के निर्देश भी दिए गए, ताकि जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सके।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल और बेहतर सीवरेज सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुरक्षित पानी उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। साथ ही सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है।
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