पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी के हस्तक्षेप से कॉलेज प्रबंधकों ने छात्र के पिता के खिलाफ दायर चैक बाउंस का मामला वापस ले लिया है।
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी के हस्तक्षेप से कॉलेज प्रबंधकों ने छात्र के पिता के खिलाफ दायर चैक बाउंस का मामला वापस ले लिया है।
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन जसवीर सिंह गढ़ी के हस्तक्षेप से कॉलेज प्रबंधकों ने छात्र के पिता के खिलाफ दायर चैक बाउंस का मामला वापस ले लिया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जसवीर सिंह गढ़ी ने बताया कि धूरी के जनता नगर निवासी रमजीत सिंह ने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग को लिखित शिकायत 25 मार्च 2025 को की थी कि उसने गुरुकुल विद्या पीठ इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी बनूड में बी.टेक. सिविल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था, जहां वह तीसरे सेमेस्टर तक रेगुलर रहा।
लेकिन पिता की बीमारी के चलते वह चौथे सेमेस्टर की रेगुलर परीक्षा नहीं दे पाया। कॉलेज प्रबंधकों द्वारा उसे चौथे सेमेस्टर में गैर-हाज़िर होने संबंधी कोई नोटिस तो नहीं दिया गया, लेकिन फिर भी कॉलेज प्रबंधक रमजीत सिंह से 2018 तक (यानी 8वें सेमेस्टर तक) फीस वसूलते रहे। इसके बाद रमजीत सिंह ने 2022 में अपने दस्तावेज़ लेने के लिए कई बार कॉलेज गया लेकिन उसे दस्तावेज़ नहीं दिए गए। जब वह अपने दस्तावेज़ लेने के लिए गुरुकुल के निदेशक मनमोहन गर्ग से मिले, तो उसने रमजीत को अपमानजनक शब्द कहे और परिणाम भुगतने की धमकियाँ दीं। इसके बाद कॉलेज प्रबंधकों ने रमजीत के पिता द्वारा गारंटी के रूप में दिए गए चैक का उपयोग करके चैक बाउंस का मामला कोर्ट में कर दिया। कोर्ट की कार्रवाई चल पड़ी, जिसकी फैसले की लगभग तारीख 2 अप्रैल 2025 थी। इस संबंध में रमजीत सिंह द्वारा आयोग से न्याय की मांग की गई थी।
जिस संबंध में कार्रवाई करते हुए आयोग द्वारा कॉलेज प्रबंधकों को 1 अप्रैल 2025 को तलब किया गया था और उन्हें रमजीत सिंह के पिता के खिलाफ किए गए चैक बाउंस के मामले को वापस लेने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद कॉलेज प्रबंधकों ने आज कोर्ट में लिखित बिनती देकर यह केस वापस ले लिया, जिससे अनुसूचित जाति परिवार का और छात्र का भविष्य सुरक्षित हो गया।
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