पीड़ित परिवार ने जताया असंतोष, कहा-दोषी को फांसी होनी चाहिए थी, एमबीए छात्रा समेत तीन की हत्या की थी
पीड़ित परिवार ने जताया असंतोष, कहा-दोषी को फांसी होनी चाहिए थी, एमबीए छात्रा समेत तीन की हत्या की थी
खबर खास, चंडीगढ़ :
चंडीगढ़ में तकरीबन 15 साल पूर्व एमबीए छात्रा से बलात्कार और उसके बाद हत्या मामले में जिला अदालत ने सीरियल किलर मोनू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले में आरोपी पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। लेकिन अदालत के फैसले पर पीड़ित परिवार ने मोनू को फांसी की सजा की बात कही। उन्होंने जज को भी कहा कि आरोपी को उम्रकैद नहीं फांसी की सजा देनी चाहिए थी।
गौर रहे कि साल 2010 में चंडीगढ़ का यह मामला खासा सुर्खियों में रहा। छात्रा के आरोपी का 12 साल तक पता नही नहीं चल पाया। पुलिस की अनट्रेस रिपोर्ट के बाद परिवार ने भी न्याय की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन साल 2022 में चंडीगढ़ में एक दूसरी महिला की हत्या मामले में पुलिस के हाथ छात्रा के मामले का पहला सुराग लगा।
पुलिस ने 100 से अधिक डीएनए जांच और 800 लोगों से पूछताछ के बाद डड्डूमाजरा की शाहपुर कॉलोनी निवासी आरोपी मोनू कुमार के नाम की पुष्टि की। लेकिन तब तक आरोपी चंडीगढ़ छोड़कर बिहार जा चुका था। उसके पास आधार कार्ड से लेकर फोन तक नहीं था जिसके चलते पुलिस उस तक नहीं पहुंच पाई। लेकिन 2024 में जब वह चंडीगढ़ लौटा तो आरोपी को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने दोनों हत्याओं की बात तो कबूली ही थी साथ ही उसने यह भी कबूला कि 2008 में हिमाचल प्रदेश के चंबा में एक छोटी बच्ची के साथ बलात्कार के बाद उसने उसकी हत्या कर दी थी।
गौर रहे कि चंडीगढ़ के सेक्टर 38 की रहने वाली 21 साल की एमबीए छात्रा 30 जुलाई 2010 की शाम को अपने घर से अपनी कोचिंग के लिए निकली। लेकिन रात को नौ बजे तक वह रोजाना की तरह घर नहीं लौटी और उसका फोन भी नहीं लगा तो उसके परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। परिवार ने सेक्टर 39 पुलिस स्टेशन में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवा दी। इसके बाद जब वह उसे ढूंढने लगे तो उन्हें सेक्टर 38 के करन टैक्सी स्टैंड के पास अपनी बेटी की स्कूटी दिखाई दी जिसपर खून के छींटे लगे हुए थे। परिवार वालों ने जब आसपास ढूंढना शुरू किया तो टैक्सी स्टैंड से थोड़ी दूर झाड़ियों में उसका शव खून से लथपथ और नग्न अवस्था में पड़ा मिला। परिवार उसे उसी हालत में उठाकर सीधे पीजीआई लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जांच में सामने आया कि छात्रा के सिर पर किसी भारी चीज से वार किया गया था। गला घोटने के बाद निजी अंगों से ज्यादती और छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस ने जांच शुरू करने के साथ ही छात्रा के शरीर पर मिले कातिल के डीएनए सैंपल कलेक्ट कर लिए। लेकिन जांच के बावजूद कुछ सामने नहीं आया तो दस साल बाद पुलिस ने अदालत में इस केस को लेकर अनट्रेस्ड रिपोर्ट दाखिल कर दी। लेकिन 12 साल बाद 12 जनवरी 2022 में चंडीगढ़ में वैसी ही वारदात हुई और मलोया के जंगल से 40 साल की एक महिला का शव नग्न अवस्था में मिला। कातिल ने महिला के निजी अंगों को बुरी तरह से जख्मी किया हुआ था और उसके हाथ-पांव बंधे थे व मुंह में जुराब को ठूंसा हुआ था। पुलिस ने इस केस पर काम किया लेकिन दो साल तक इस मामले में भी कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद दोषी मोनू कुमार ने चंडीगढ़ में अपना तीसरा और आखिरी शिकार मोहाली की रहने वाली शनिचरा देवी को बनाया। उसने अपनी मॉडस ऑपरेंडी के तहत महिला के सिर पर वार किया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके बाद वह उसे सरकारी स्कूल के पास सेक्टर 54 के जंगली इलाके में घसीटकर ले गया। वह उस दौरान इतने नशे में था कि महिला का बलात्कर नहीं कर सका। हालांकि उसके सीमेन कि निशान पीड़िता की साड़ी पर छूट गए। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने एसएसपी कंवरप्रीत कौर की देखरेख में जांच शुरू की, लंबी मशक्कत के बाद आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
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