बॉर्डर 2 के सिनेमाघरों में पहुंचते ही सुनील शेट्टी ने साझा की विरासत, ज़िम्मेदारी और वर्दी के असली अर्थ की बात
बॉर्डर 2 के सिनेमाघरों में पहुंचते ही सुनील शेट्टी ने साझा की विरासत, ज़िम्मेदारी और वर्दी के असली अर्थ की बात
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बेटे अहान शेट्टी की फिल्म बॉर्डर 2 के शुक्रवार को बड़े पर्दे पर रिलीज़ होने के साथ ही अभिनेता सुनील शेट्टी ने इस फ्रेंचाइज़ी से जुड़े अपने अनुभवों और भावनाओं को बेहद निजी अंदाज़ में साझा किया। उन्होंने कहा कि बॉर्डर उनके लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि एक ऐसी ज़िम्मेदारी बन गई थी, जिसे वह कैमरे बंद होने के बाद भी अपने साथ लेकर चले।
सुनील शेट्टी ने इंस्टाग्राम पर एक रील साझा की, जिसमें उनकी 1997 की सुपरहिट फिल्म बॉर्डर और हाल ही में रिलीज़ बॉर्डर 2 के दृश्य शामिल हैं, जिसमें उनके बेटे अहान शेट्टी सेना की वर्दी में नजर आ रहे हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में गीत मिट्टी के बेटे चल रहा है, जो पूरे संदेश को और भावुक बना देता है। सुनील के लिए बेटे को वर्दी में देखना सिर्फ यादों का दोहराव नहीं था, बल्कि उन मूल्यों की याद थी जो देशसेवा से जुड़े होते हैं।
उन्होंने लिखा, “आज बॉर्डर 2 रिलीज़ हो रही है। मेरे बेटे, आज मुझे तुमसे यह कहना है कि मेरे लिए बॉर्डर कभी सिर्फ एक फिल्म नहीं रही। यह एक ज़िम्मेदारी बन गई, जिसे मैंने शूटिंग के बाद भी निभाया।” उन्होंने आगे कहा कि वर्षों बाद अहान को वर्दी में देखना उनके लिए एक पूर्ण चक्र जैसा है—जो अनुशासन, त्याग, मौन और साहस की याद दिलाता है।
सुनील शेट्टी ने स्पष्ट किया कि बॉर्डर 2 न तो युद्ध की महिमा गान है और न ही शोहरत की कहानी। “यह फिल्म इस बात की याद दिलाती है कि शांति क्यों ज़रूरी है। बॉर्डर वहां नहीं होता जहां देश खत्म होता है, बल्कि वहां से साहस शुरू होता है,” उन्होंने लिखा। उनके अनुसार कुछ कहानियां परदे तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि एक पूरे देश की रीढ़ बन जाती हैं।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने वर्दी के महत्व को रेखांकित करते हुए लिखा, “हम कभी यह न भूलें कि वह वर्दी वास्तव में किसका प्रतीक है। जय हिंद। जय भारत।”
बॉर्डर 2 1971 के युद्ध और कुछ सच्ची घटनाओं पर आधारित है। यह फिल्म गुलशन कुमार और टी-सीरीज़ द्वारा जे.पी. दत्ता की जे.पी. फिल्म्स के सहयोग से प्रस्तुत की गई है। फिल्म का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है और इसे भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, जे.पी. दत्ता और निधि दत्ता ने प्रोड्यूस किया है। वहीं 1997 में रिलीज़ बॉर्डर भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार देशभक्ति फिल्मों में से एक मानी जाती है।
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