सफल परीक्षण के साथ फिर साबित हुई स्वदेशी मिसाइल क्षमता, चीन-पाक के पास कोई जवाब नहीं
सफल परीक्षण के साथ फिर साबित हुई स्वदेशी मिसाइल क्षमता, चीन-पाक के पास कोई जवाब नहीं
ख़बर ख़ास, देश :
भारत ने एक बार फिर अपनी सामरिक ताकत का दमदार प्रदर्शन करते हुए अग्नि-3 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। जैसे ही यह मिसाइल दहाड़ी, बंगाल की खाड़ी का इलाका गूंज उठा और भारत की रक्षा क्षमता का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंच गया। रक्षा सूत्रों के मुताबिक, परीक्षण पूरी तरह सफल रहा और मिसाइल ने तय लक्ष्य को सटीकता के साथ भेद दिया। इस परीक्षण ने साफ कर दिया कि भारत की मिसाइल तकनीक न सिर्फ भरोसेमंद है, बल्कि किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है।
अग्नि-3 एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता करीब 3,000 से 3,500 किलोमीटर तक मानी जाती है। यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता की रीढ़ मानी जाती है। इसका सफल परीक्षण ऐसे समय में हुआ है, जब क्षेत्रीय सुरक्षा हालात लगातार बदल रहे हैं और भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अग्नि-3 की सबसे बड़ी ताकत इसकी सटीकता, भरोसेमंद नेविगेशन सिस्टम और आधुनिक तकनीक है। यह मिसाइल मोबाइल लॉन्चर से दागी जा सकती है, जिससे इसे ट्रैक करना दुश्मन के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि चीन और पाकिस्तान के पास फिलहाल इस श्रेणी में अग्नि-3 का कोई सीधा मुकाबला करने वाली मिसाइल नहीं है।
परीक्षण के दौरान रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और रणनीतिक बल कमान (SFC) के वैज्ञानिकों और अधिकारियों की टीम पूरी तरह तैनात रही। लॉन्च से लेकर लक्ष्य भेदन तक हर चरण पर बारीकी से नजर रखी गई। सभी सिस्टम्स ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया, जिससे भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक पर भरोसा और मजबूत हुआ है।
इस सफल परीक्षण के बाद भारत की सामरिक स्थिति और मजबूत हो गई है। यह न सिर्फ दुश्मनों के लिए कड़ा संदेश है, बल्कि देशवासियों के लिए भी गर्व का पल है। अग्नि-3 की गर्जना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और हर चुनौती का जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है।
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