कहा, बेटी का जन्म अब उत्सव है—यही सामाजिक बदलाव की असली पहचान
कहा, बेटी का जन्म अब उत्सव है—यही सामाजिक बदलाव की असली पहचान
खबर खास, चंडीगढ़/जालंधर :
बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ के उद्देश्य को और सुदृढ़ करते हुए गांव घुड़का के जोहल फार्म में 5100 नवजन्मी बेटियों के सम्मान में लोहड़ी का भव्य आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर, पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल, तथा पंजाब एग्री फूड कॉरपोरेशन लिमिटेड के चेयरमैन मंगल सिंह बस्सी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ के संदेश को समाज तक और अधिक मजबूती से पहुंचाया।
इस अवसर पर पंजाब सरकार की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने विशेष रूप से शिरकत करते हुए कहा कि 5100 नवजन्मी बेटियों की लोहड़ी मनाना समाज में बेटियों के प्रति बदलती सकारात्मक सोच का स्पष्ट प्रतीक है। उन्होंने नवजन्मी बेटियों के माता-पिता को लोहड़ी पर्व की बधाई दी और उन्हें सम्मानित भी किया।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि बेटी के जन्म को उत्सव के रूप में मनाना बदलती सामाजिक सोच की वास्तविक पहचान है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बच्चियों की सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए कई जनहितकारी योजनाएं लागू कर रही है, ताकि हर बेटी को सम्मान, समानता और आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकारी प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं और गांव स्तर पर लोगों की सक्रिय भागीदारी ही बेटी बचाओ अभियान को सफल बना सकती है। इस प्रकार के सामूहिक आयोजन नई पीढ़ी में समानता, सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं।
कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने इस पहल के लिए जोहल फार्म सेवा सोसायटी और कार्यक्रम से जुड़े अन्य सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक प्रयास बेटियों के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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