पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि MI की चैंपियनशिप मानसिकता बरकरार है, पर अन्य टीमें इस बार कड़ी चुनौती पेश करेंगी
पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि MI की चैंपियनशिप मानसिकता बरकरार है, पर अन्य टीमें इस बार कड़ी चुनौती पेश करेंगी
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महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में दो बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) एक बार फिर खिताब की सबसे बड़ी दावेदार मानी जा रही है। हालांकि, पूर्व भारतीय कप्तान अंजुम चोपड़ा का कहना है कि इस सीजन अन्य टीमें पहले से ज्यादा मजबूत होकर सामने आएंगी और MI के लिए राह आसान नहीं होगी।
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस ने 2023 से शुरू हुए WPL के तीन में से दो खिताब अपने नाम किए हैं। अंजुम चोपड़ा के मुताबिक, MI को चुनौती दी जा सकती है, जैसा कि पिछले सीजनों में RCB और गुजरात जायंट्स ने किया था, लेकिन फिर भी मुंबई इंडियंस को “टीम टू बीट” माना जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण टीम का संतुलन, अनुभव और जीतने की आदत है।
अंजुम ने कहा कि अब सिर्फ विदेशी खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि भारतीय युवा प्रतिभाएं भी शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। हाल ही में भारतीय टीम की वर्ल्ड कप जीत ने घरेलू खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ाया है। इसी वजह से WPL 2026 और ज्यादा प्रतिस्पर्धी होने की उम्मीद है।
मुंबई इंडियंस के पास इस बार भी कई प्रतिभाशाली अनकैप्ड भारतीय खिलाड़ी हैं। जी. कमलिनी, संस्कृति गुप्ता और सजीवन सजाना के अलावा टीम ने राहिला फिरदौस, पूनम खेमनार, त्रिवेणी वासिष्ठ और नल्ला रेड्डी जैसे उभरते नामों को शामिल किया है। अंजुम का मानना है कि MI की स्काउटिंग हमेशा मजबूत रही है और ये खिलाड़ी भविष्य में बड़ा योगदान दे सकते हैं।
ओपनिंग संयोजन को लेकर भी MI के पास विकल्प हैं। यास्तिका भाटिया के गुजरात जायंट्स में जाने के बाद अंजुम ने सुझाव दिया कि कमलिनी को हेली मैथ्यूज के साथ पारी की शुरुआत का मौका मिल सकता है। मिडिल ऑर्डर में पहले से ही नेट स्किवर-ब्रंट, हरमनप्रीत कौर और अमेलिया केर जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं।
टूर्नामेंट के मुकाबले नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम और वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में खेले जाएंगे, जहां बल्लेबाजी के लिए अनुकूल परिस्थितियां रहती हैं। अंजुम ने कहा कि ओस की वजह से टॉस अहम भूमिका निभा सकता है और अधिकतर कप्तान पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकते हैं।
कोचिंग स्टाफ में बदलाव को लेकर भी अंजुम सकारात्मक हैं। लीज़ा कीटली के हेड कोच और क्रिस्टन बीम्स के स्पिन कोच बनने से टीम को नई सोच और ताजगी मिलेगी, जबकि चैंपियनशिप कल्चर बरकरार रहेगा। उनके अनुसार, MI पर दबाव जरूर होगा, लेकिन टीम एक बार फिर खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
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