उपरोक्त स्थानों से सजाये नगर कीर्तनों के साथ-साथ चलते हुए संगत पूर्ण श्रद्धा के साथ श्री आनंदपुर साहिब पहुंची।
उपरोक्त स्थानों से सजाये नगर कीर्तनों के साथ-साथ चलते हुए संगत पूर्ण श्रद्धा के साथ श्री आनंदपुर साहिब पहुंची।
खबर खास, चंडीगढ़/श्री आनंदपुर साहिब-
नौंवें सिख गुरु, श्री गुरु तेग़ बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के संबंध में श्रीनगर, फरीदकोट, तलवंडी साबो और गुरदासपुर से सजाये ‘नगर कीर्तन’ पवित्र नगरी श्री आनंदपुर साहिब में एकत्र हुए, जिससे पूरी नगरी खालसाई जाहो-जलाल से भर उठी और सारा आसमान ‘बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के नारों से गूंज उठा।
उपरोक्त स्थानों से सजाये नगर कीर्तनों के साथ-साथ चलते हुए संगत पूर्ण श्रद्धा के साथ श्री आनंदपुर साहिब पहुंची।
नगर कीर्तन के मार्ग में गुलाब के फूलों की वर्षा करते हुए पंजाब के सूचना एवं लोक संपर्क मंत्री हरजोत सिंह बैंस, कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद और श्री आनंदपुर साहिब से सांसद मालविंदर सिंह कंग ने नगर कीर्तन का श्रद्धा और गर्मजोशी से स्वागत किया और नंगे पांव नगर कीर्तन के साथ चले।
अकालपुरख वाहेगुरु से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए श्रद्धा भाव से कतारबद्ध होकर खड़ी भारी संख्या में संगत ने नगर कीर्तन का भावपूर्ण स्वागत किया। नगर कीर्तन के साथ-साथ जुझारू भावना दिखाते हुए पारंपरिक सिख मार्शल आर्ट गत्तका ने शानदार प्रदर्शन किया।
उल्लेखनीय है कि 19 नवंबर को नगर कीर्तन गुरुद्वारा छेवीं पातशाही, श्रीनगर से प्रारंभ हुआ था, जिसमें मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भी शामिल हुए थे। यह नगर कीर्तन जम्मू, पठानकोट, दसूहा, होशियारपुर, माहिलपुर और गढ़शंकर से होता हुआ 22 नवंबर को गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब, श्री आनंदपुर साहिब में देर रात पहुंचने की संभावना है।
माझा-दोआबा मार्ग पर एक अन्य नगर कीर्तन 20 नवंबर को गुरुद्वारा श्री संगत सर पाठवाला, गुरदासपुर से शुरू हुआ था। इस नगर कीर्तन के बटाला, बाबा बकाला साहिब, श्री अमृतसर साहिब, तरन तारन, गोइंदवाल साहिब, कपूरथला, करतारपुर, जालंधर, फगवाड़ा, बंगा, नवांशहर और बलाचौर से होते हुये 22 नवंबर को गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब, श्री आनंदपुर साहिब में देर रात पहुंचने की संभावना है।
मालवा-1 रूट पर एक अन्य नगर कीर्तन 20 नवंबर को किला मुबारक (बाबा शेख फरीद यादगारी स्थान), फरीदकोट से प्रारंभ हुआ और फिरोजपुर, मोगा, जगराओं, लुधियाना, खन्ना, सरहिंद, फतेहगढ़ साहिब, मोरिंडा, चमकौर साहिब और रूपनगर से होता हुआ 22 नवंबर को श्री सीस गंज साहिब, श्री आनंदपुर साहिब पहुंचा।
इसी प्रकार मालवा-2 रूट पर एक और नगर कीर्तन 20 नवंबर को तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो से शुरू हुआ था और बठिंडा, बरनाला, संगरूर, पटियाला, राजपुरा, बनूड़, साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर, कुराली, रूपनगर से होता हुआ 22 नवंबर को श्री सीस गंज साहिब, श्री आनंदपुर साहिब पहुंचा।
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