कहा, स्कूलों के नाम बदलने से स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की गौरवशाली विरासत बनेगी रोज़मर्रा की शिक्षा का हिस्सा शिक्षा विभाग चित्रों सहित इन महान नायकों के जीवन और अमूल्य योगदान की जानकारी स्कूलों में प्रदर्शित करेगा: बैंस
कहा, स्कूलों के नाम बदलने से स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों की गौरवशाली विरासत बनेगी रोज़मर्रा की शिक्षा का हिस्सा शिक्षा विभाग चित्रों सहित इन महान नायकों के जीवन और अमूल्य योगदान की जानकारी स्कूलों में प्रदर्शित करेगा: बैंस
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि देश के महान नायकों की विरासत के सम्मान में राज्य भर के 15 सरकारी स्कूलों के नाम स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के नाम पर रखने का निर्णय लिया गया है। इस कदम का उद्देश्य राज्य की शिक्षा प्रणाली में साहस, बलिदान और देशभक्ति के मूल्यों का संचार करना है।
बैंस ने कहा, “हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के नाम पर सरकारी स्कूलों के नाम रखकर हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनके बलिदान और अमूल्य योगदान विद्यार्थियों की रोज़मर्रा की शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनें।”
उन्होंने बताया कि उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन महान विभूतियों के जीवन और योगदान को उनकी तस्वीरों सहित स्कूलों में प्रदर्शित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रदान की जा सके और उनके चरित्र को और अधिक निखार कर सशक्त बनाया जा सके। उन्होंने कहा, “स्कूलों को सक्रिय रूप से इन नायकों के जीवन और आदर्शों की जानकारी देनी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को प्रेरित कर सुदृढ़ चरित्र और दृढ़ संकल्प वाले नागरिक बनाया जा सके।”
नाम बदले गए स्कूलों के बारे में जानकारी साझा करते हुए बैंस ने बताया कि सरकारी हाई स्कूल, संधू कलां (बरनाला) का नाम बदलकर शहीद सिपाही जगदेव सिंह सरकारी हाई स्कूल संधू कलां, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, घुगियाना (फरीदकोट) का नाम बदलकर शहीद नायक सुरजीत सिंह सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सरकारी हाई स्कूल, फतेहपुर (मानसा) का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी सरदार मघ्घर सिंह सरकारी हाई स्कूल फतेहपुर, तथा सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दलेल सिंह वाला का नाम बदलकर कॉमरेड धर्म सिंह फक्कर सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, दलेल सिंह वाला रखा गया है।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार पी.एम. श्री सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लड़के), भीखी (मानसा) का नाम बदलकर शहीद कांस्टेबल जसवंत सिंह पी.एम. श्री सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लड़के), भीखी, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बख्शीवाला का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी अर्जन सिंह सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल बख्शीवाला, सरकारी मिडिल स्कूल, लुबाणियांवाली (श्री मुक्तसर साहिब) का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी सरवण सिंह सरकारी मिडिल स्कूल लुबाणियांवाली, सरकारी हाई स्कूल, हमीरगढ़ (संगरूर) का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी ज्ञानी मुकंद सिंह सरकारी हाई स्कूल हमीरगढ़, सरकारी मिडिल स्कूल, दुल्लदी (पटियाला) का नाम बदलकर शहीद सिपाही प्यारा सिंह सरकारी मिडिल स्कूल दुल्लदी, सरकारी हाई स्कूल, राजपुरा टाउन का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी अमीर सिंह सरकारी हाई स्कूल राजपुरा टाउन तथा सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल, कैरे (बरनाला) का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी श्री गुरदियाल सिंह सरकारी प्राइमरी स्मार्ट स्कूल कैरे रखा गया है।
इसी तरह सरकारी प्राइमरी स्कूल, टल्लेवाल (बरनाला) का नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी श्री तारा सिंह सरकारी प्राइमरी स्कूल टल्लेवाल, सरकारी एलीमेंट्री स्कूल, हररंगपुरा पिंडी (बठिंडा) का नाम बदलकर शहीद सिपाही बूटा सिंह सरकारी एलीमेंट्री स्कूल हररंगपुरा पिंडी, सरकारी प्राइमरी स्कूल, नंगल फरीदा (पठानकोट) का नाम बदलकर शहीद सिपाही राइफलमैन जय सिंह सरकारी प्राइमरी स्कूल नंगल फरीदा तथा सरकारी प्राइमरी स्कूल, डरोली खुर्द (जालंधर) का नाम बदलकर शहीद कुलविंदर सिंह सरकारी प्राइमरी स्कूल डरोली खुर्द रखा गया है।
बैंस ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के दैनिक जीवन में बलिदान और बहादुरी की कहानियों को शामिल करना तथा स्कूलों की पहचान को देश के महान नायकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि के रूप में प्रस्तुत करना है। यह अनुकरणीय पहल इन शिक्षण संस्थानों की पहचान में साहस, बलिदान और देश सेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की कहानियों को जोड़ेगी।
उन्होंने कहा, “ये केवल नाम परिवर्तन नहीं हैं, बल्कि यह सुनिश्चित करने की दृढ़ प्रतिबद्धता है कि इन महान नायकों की विरासत हजारों विद्यार्थियों के लिए सीखने के वातावरण का एक जीवंत और अभिन्न हिस्सा बने।” उन्होंने कहा कि हमारे स्कूल शिक्षा के मंदिर हैं, जो पंजाब और भारत के भविष्य को आकार देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन महान नायकों के नाम पर स्कूलों का नाम रखने से उनकी विरासत सदैव जीवंत रहेगी और विद्यार्थियों को देश के प्रति प्रतिबद्धता तथा निस्वार्थ सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेगी।
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