देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से 350 से अधिक छात्रों, विधि विशेषज्ञों, न्यायाधीशों, शिक्षाविदों और संकाय सदस्यों ने भाग लेकर इसे अत्यंत सफल बनाया।