टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 3.0, नशा मुक्त भारत, यूथ नशियां विरुद्ध और नशा मुक्त रंगला पंजाब अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं में नशामुक्त और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना था।
टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 3.0, नशा मुक्त भारत, यूथ नशियां विरुद्ध और नशा मुक्त रंगला पंजाब अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं में नशामुक्त और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना था।
खबर खास, बठिंडा :
पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय में शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से तंबाकू निषेध प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया, जिसमें 100 से अधिक छात्रों, शिक्षकों और स्वास्थ्य एवं कल्याण क्षेत्र से जुड़े प्रतिभागियों ने भाग लिया।
यह कार्यक्रम कुलपति प्रो. राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी के संरक्षण में आयोजित किया गया। टोबैको फ्री यूथ कैंपेन 3.0, नशा मुक्त भारत, यूथ नशियां विरुद्ध और नशा मुक्त रंगला पंजाब अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं में नशामुक्त और स्वस्थ जीवन शैली को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में डॉ. तपिंदरजोत कौल, सिविल सर्जन, बठिंडा ने मुख्य अतिथि के रूप में तथा डॉ. उषा गोयल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला नोडल अधिकारी सीओटीपीए, बठिंडा विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. तपिंदरजोत कौल ने युवाओं में बढ़ती तंबाकू एवं नशीली पदार्थों की लत पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने नशे के मनोवैज्ञानिक एवं शारीरिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए शैक्षणिक संस्थानों, परिवारों और स्वास्थ्य विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों को “ड्रग्स को ना कहें” की शपथ भी दिलाई।
विशिष्ट अतिथि डॉ. उषा गोयल ने सीओटीपीए (सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) के कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थलों को धूम्रपान व तंबाकू मुक्त बनाने हेतु विधिक प्रावधानों का सख्ती से पालन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रतिभागियों को कैंपस एवं समुदायों में जागरूकता फैलाने तथा छात्र-नेतृत्व वाले एंटी-ड्रग अभियानों को मजबूत बनाने के लिए प्रेरित किया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. राघवेन्द्र प्रसाद तिवारी ने स्वस्थ और जिम्मेदार नागरिक बनाने में विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों से नशामुक्त समाज के एंबेसडर बनने का आह्वान किया तथा कहा कि पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर समर्थन देता रहेगी जो छात्रों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा दें।
प्रशिक्षण कार्यशाला का संचालन जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा किया गया, जिसमें एडवोकेट गगनदीप कौर (डिविजनल कोऑर्डिनेटर, जेनरेशन सेवियर एसोसिएशन), एडवोकेट गुरप्रीत सिंह (प्रोजेक्ट मैनेजर, जेनरेशन सेवियर एसोसिएशन), रोहित जिंदल (डिप्टी मास मीडिया अधिकारी), साहिल पुरी (ब्लॉक एक्सटेंशन एजुकेटर), हेल्थ सुपरवाइज़र, एमपीएचडब्ल्यू (पुरुष एवं महिला), आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग का अन्य स्टाफ शामिल था। इस सत्र के दौरान तंबाकू सेवन के विभिन्न रूपों और दुष्प्रभावों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत डीन विद्यार्थी कल्याण प्रो. संजीव ठाकुर द्वारा स्वागत भाषण के साथ हुई। आमंत्रित अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि छात्र कल्याण विश्वविद्यालय के मिशन का केंद्र बिंदु है तथा विश्वविद्यालय सरकारी विभागों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर नशामुक्त कैंपस बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर प्रो. मोनिषा धीमान, निदेशक आईक्यूएसी और प्रो. दीपक चौहान, डीन स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज भी मंच पर उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के छात्रों और संकाय सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी दर्ज की।
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