विवि के श्रीलंकाई विद्यार्थियों ने इस नाटक में सशक्त अभिनय से तोड़ीं भाषा की बाधाएं
विवि के श्रीलंकाई विद्यार्थियों ने इस नाटक में सशक्त अभिनय से तोड़ीं भाषा की बाधाएं
खबर खास, बठिंडा / रोहतक-
14 फरवरी 2026: पंजाब केन्द्रीय विश्वविद्यालय, बठिंडा के प्रदर्शन एवं ललित कला विभाग के विद्यार्थियों ने कुलपति आचार्य राघवेंद्र प्रसाद तिवारी के संरक्षण में प्रतिष्ठित भारत रंग महोत्सव 2026 के अंतर्गत डीएलसीएसयूपीवीए, रोहतक में प्रसिद्ध साहित्यकार विजयदान देथा की रचना तथा डॉ. आदिश कुमार वर्मा के निर्देशन में तैयार नाटक ‘उमर का परवाना’ की प्रभावशाली प्रस्तुति दी।
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय द्वारा आयोजित 25वाँ भारत रंग महोत्सव विश्व का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय रंगमंच उत्सव है, जो विविध नाट्य अभिव्यक्तियों और सांस्कृतिक संवाद के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है। इस प्रतिष्ठित आयोजन में विश्वविद्यालय की प्रस्तुति को विशेष सराहना प्राप्त हुई।
इस मंचन की विशेष उपलब्धि श्रीलंकाई विद्यार्थियों का समर्पण रहा, जिन्होंने कठोर अभ्यास और निरंतर परिश्रम के माध्यम से हिंदी एवं राजस्थानी भाषा में प्रभावशाली अभिनय प्रस्तुत कर भाषा की सीमाओं को पार किया। उच्चारण, संवाद अदायगी और सांस्कृतिक सूक्ष्मताओं में दक्षता प्राप्त करने के उनके प्रयासों ने कलात्मक सहयोग और अंतर सांस्कृतिक समझ की भावना को साकार किया।
लोक परंपरा से प्रेरित ‘उमर का परवाना’ सद्गुण और दुर्गुण के शाश्वत संघर्ष को प्रस्तुत करता है। प्रेम, पीड़ा, न्याय और नैतिक साहस जैसे मूल्यों के माध्यम से यह नाटक दर्शाता है कि अंततः नैतिक शक्ति और सत्य की विजय होती है। सशक्त संगीतात्मक संरचना, पारंपरिक रंग-तत्वों और अभिव्यंजक अभिनय ने दर्शकों के लिए एक सघन और प्रभावशाली नाट्य अनुभव प्रस्तुत किया।
अनुशासित सामूहिक अभिनय और भावनात्मक गहराई से परिपूर्ण इस प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। भाषायी विविधता और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करते हुए ‘उमर का परवाना’ भारत रंग महोत्सव 2026 के रोहतक चरण की एक उल्लेखनीय प्रस्तुति के रूप में उभरा।
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