1 नवंबर से प्रारंभ होकर 25 नवंबर तक लगभग एक माह चलने वाले इन धार्मिक समागमों का उद्देश्य गुरु साहिब के आत्मबलिदान, अमन-शांति और सार्वभौमिक भाईचारे के संदेश का अधिक से अधिक प्रसार करना है।