कहा, केंद्र सरकार कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुँचाने के लिए गरीब मजदूरों के छीन रही अधिकार
कहा, केंद्र सरकार कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुँचाने के लिए गरीब मजदूरों के छीन रही अधिकार
खबर खास, मोहाली-
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू ने आज “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत गांव कुरड़ा, मोटे माजरा, तंगोरी, कुरड़ी, शेखन माजरा, नागरी और गीगे माजरा में पंचायत सदस्यों व ग्रामीणों के साथ अहम बैठकें कर एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया।
इन बैठकों के दौरान मोदी सरकार की मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और गरीब विरोधी नीतियों की कड़ी निंदा की गई। बलबीर सिद्धू ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले जानबूझकर मनरेगा योजना के फंड रोके, ताकि इस जनकल्याणकारी योजना को धीरे-धीरे खत्म किया जा सके। इसका सीधा नुकसान ग्रामीण गरीब मजदूरों, दलितों, महिलाओं और आश्रित परिवारों को उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा गरीबों और मजदूर वर्ग की जीवनरेखा है, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए गरीबों के अधिकारों पर डाका डाल रही है। इसे कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
सिद्धू ने कहा कि पहले मनरेगा के कुल फंड का लगभग 90 प्रतिशत केंद्र सरकार देती थी, लेकिन नए बिल के जरिए इसे घटाकर मात्र 60 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे राज्यों पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा और उनकी पहले से ही कमजोर अर्थव्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना और इसके नियमों में किए गए बदलाव मजदूर वर्ग के हितों पर सीधा हमला हैं। यह योजना कांग्रेस पार्टी की ऐतिहासिक देन है, जिससे लाखों परिवारों को रोजगार मिला। गांवों का विकास हुआ और मजदूरों को शहरों की ओर पलायन से राहत मिली, लेकिन भाजपा सरकार इस सच्चाई को मिटाने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार इस सच को सहन नहीं कर पा रही और इसी कारण योजना की पहचान मिटाने का प्रयास कर रही है, जो बेहद शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि देश भर से मजदूर अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं—कहीं महीनों से मजदूरी अटकी हुई है, तो कहीं ऑनलाइन हाजिरी और तकनीकी नियमों के नाम पर गरीबों को काम से बाहर किया जा रहा है। अब केंद्र द्वारा योजना का नाम बदलने और इसमें बदलाव करने के कदम मनरेगा को कागज़ी योजना बनाने की साज़िश का हिस्सा हैं।
बलबीर सिद्धू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब कांग्रेस मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ेगी और मनरेगा योजना को पूरी तरह बहाल करवाने तक संघर्ष जारी रखेगी। कांग्रेस मांग करती है कि केंद्र सरकार तुरंत फंड जारी करे, 100 दिनों का काम सुनिश्चित करे और मजदूरी का समय पर भुगतान करे।
इस अवसर पर पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों ने भी केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार रोष प्रकट किया और मनरेगा को बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी के संघर्ष में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का ऐलान किया।
इस मौके पर हरकेस चंद शर्मा मछली कलां, परदीप सिंह तंगोरी, मनजीत सिंह तंगोरी, दविंदर सिंह कुरड़ा, नाहर सिंह सरपंच कुरड़ी, हरनेक सिंह ढोल कुरड़ी, मनजीत सिंह मोटेमाजरा, जगजीत सिंह सेखनमाजरा, काका सिंह सेखनमाजरा और सेवक सिंह सेखनमाजरा भी उपस्थित थे।
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