अपने संबोधन में कुलपति प्रोफेसर तिवारी ने वर्ष 1950 में भारतीय संविधान को अंगीकार किए जाने के ऐतिहासिक महत्व तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान सभा के सदस्यों के अमूल्य योगदान को स्मरण किया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रोफेसर तिवारी ने वर्ष 1950 में भारतीय संविधान को अंगीकार किए जाने के ऐतिहासिक महत्व तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान सभा के सदस्यों के अमूल्य योगदान को स्मरण किया।
खबर खास, बठिंडा :
पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस अत्यंत उत्साह, गरिमा और देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर कुलपति प्रोफेसर राघवेंद्र प्रसाद तिवारी ने राष्ट्रीय ध्वज एवं विश्वविद्यालय ध्वज फहराया तथा परेड का औपचारिक निरीक्षण किया। उन्होंने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं अतिथियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
इस वर्ष के गणतंत्र दिवस समारोह की थीम “वंदे मातरम् के 150 वर्ष” रही, जो भारत की आध्यात्मिक विरासत से वैज्ञानिक प्रगति तथा समानता से न्याय तक की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाती है। इस अवसर पर कुलपति ने नरुआना के शहीद करम सिंह के परिजनों को सम्मानित कर राष्ट्र के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही विश्वविद्यालय की होनहार छात्रा-एथलीट सिमरनजीत कौर को खेलो इंडिया खेलों के लिए चयनित होने पर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रोफेसर तिवारी ने वर्ष 1950 में भारतीय संविधान को अंगीकार किए जाने के ऐतिहासिक महत्व तथा डॉ. भीमराव आंबेडकर और संविधान सभा के सदस्यों के अमूल्य योगदान को स्मरण किया। उन्होंने अधिकारों और कर्तव्यों के संतुलन पर बल देते हुए कहा कि सच्चा लोकतंत्र तभी सशक्त होता है जब सभी संस्थान, प्रशासक, शिक्षक और विद्यार्थी नियम आधारित व्यवस्था के साथ मानवीय संवेदनशीलता अपनाते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें।
विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कुलपति प्रो. तिवारी ने बताया कि हमारे शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों के समर्पित प्रयासों के परिणाम स्वरूप विश्वविद्यालय द्वारा वर्ष 2025 में 835 शोध प्रकाशन किए गए। इसके अतिरिक्त शैक्षणिक, खेल और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं, जिनमें टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में 251–300 के वैश्विक रैंक बैंड में स्थान प्राप्त करना, 39वें अखिल भारतीय विश्वविद्यालय उत्तर क्षेत्र युवा महोत्सव में समग्र रूप से चौथा स्थान हासिल करना तथा खेलो इंडिया खेलों में विश्वविद्यालय की छात्रा का प्रतिनिधित्व शामिल है। उन्होंने कौशल विकास, सामुदायिक सहभागिता और सतत जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर भी बल देते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शन एवं ललित कला विभाग के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीतों और प्रस्तुतियों के माध्यम से सांस्कृतिक रंग बिखेरा, जिससे उपस्थित जनसमूह गर्व और उत्साह से भर गया। कार्यक्रम का समापन विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी डॉ. आर. के. शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर रमनप्रीत कौर एवं डॉ. कुलभूषण शर्मा ने किया। संकाय सदस्यों, विद्यार्थियों तथा गांव घुद्दा के गणमान्य नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने इस आयोजन को स्मरणीय बना दिया।
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