कृषि सेक्टर में एआई-आधारित सकारात्मक बदलाव लाने में पंजाब को अग्रणी बनाने पर किया विचार-विमर्श
कृषि सेक्टर में एआई-आधारित सकारात्मक बदलाव लाने में पंजाब को अग्रणी बनाने पर किया विचार-विमर्श
खबर खास, चंडीगढ़ :
आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से कृषि उत्पादन एवं टिकाऊ विकास को प्रोत्साहित करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा आई.आई.टी. रोपड़ में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) की सहायता से कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अपनाने पर विचार किया जा रहा है।
पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने यहां पंजाब भवन में एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कृषि सेक्टर की प्रगति का जायजा लेने के साथ-साथ कृषि उत्पादन एवं टिकाऊ विकास में वृद्धि तथा राज्य के किसानों की आय बढ़ाने के लिए एआई-आधारित समाधानों को प्रभावी ढंग से अपनाने संबंधी रोडमैप तैयार करने पर चर्चा की गई।
खुड्डियां ने जोर देकर कहा कि जमीनी स्तर पर किसानों को ठोस सहायता एवं उचित लाभ प्रदान करने को सुनिश्चित बनाने के लिए उन्नत तकनीकों का उपयोग करना समय की जरूरत है। उन्होंने इस संबंध में पायलट प्रोजेक्ट लागू करने तथा जिलों में एआई के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऑटोमैटिक वेदर (मौसम) स्टेशनों की स्थापना, फील्ड डेटा एकत्र करने के लिए किसानों की भागीदारी, बागबानी क्लस्टरों को सहायता तथा एआई-आधारित पशुधन उत्पादकता समाधानों के विस्तार को सुनिश्चित बनाने के निर्देश भी दिए।
कृषि मंत्री ने आईआईटी रोपड़ द्वारा कृषि सेक्टर में कृषि की सही तकनीकों एवं एआई के उचित उपयोग संबंधी नेशनल-लेवल के कोर्स शुरू करने की पहलकदमी का भी स्वागत किया, जिसका उद्देश्य युवाओं का कौशल विकास एवं सरकारी अधिकारियों की क्षमता निर्माण में वृद्धि करना है। पंजाब के विद्यार्थियों एवं अधिकारियों के लिए सीटों का विशेष आरक्षण कृषि-तकनीक में राज्य के मानव संसाधन आधार को और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि यह सहयोग पंजाब को एआई-आधारित कृषि सुधारों के क्षेत्र में एक अग्रणी एवं मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही पंजाब सरकार के ठोस प्रयासों से कृषि एवं सहायक क्षेत्रों में संसाधन कुशलता, जलवायु-अनुकूलता एवं टिकाऊ विकास में महत्वपूर्ण वृद्धि होने की उम्मीद है।
बैठक के दौरान आईआईटी, रोपड़ के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. पुष्पेंद्र पी सिंह ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, जिसके लिए भारत सरकार द्वारा लगभग 310 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, के अंतर्गत मुख्य पहलकदमियों के बारे में जानकारी दी, जिसमें एआई-आधारित फसल सलाहकार प्रणालियां, बहु-भाषाई किसान चैटबॉट्स, फसलों के डिजिटल ट्विन्स, उपज अनुमान मॉडल, मिट्टी स्वास्थ्य विश्लेषण, मौसम इंटेलिजेंस टूल एवं स्मार्ट पशुधन प्रबंधन एप्लीकेशन्स शामिल हैं।
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