जीएसटी प्राप्ति में पिछले साल की तुलना में 2,467.30 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वृद्धि वैट एवं सीएसटी प्राप्ति 5,451.76 करोड़ रुपये रही; पिछले साल से 3.35% की वृद्धि
जीएसटी प्राप्ति में पिछले साल की तुलना में 2,467.30 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वृद्धि वैट एवं सीएसटी प्राप्ति 5,451.76 करोड़ रुपये रही; पिछले साल से 3.35% की वृद्धि
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब के वित्त, योजना, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां घोषणा की कि प्रदेश ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान एक बड़ी वित्तीय सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 तक प्रदेश ने जी.एस.टी. प्राप्ति में 16.03% की वृद्धि दर्ज करते हुए 17,860.09 करोड़ रुपये प्राप्त किए, जबकि आबकारी राजस्व 7,401 करोड़ रुपये रहा।
वित्त मंत्री ने इस सफलता का श्रेय विभाग की नवीनता एवं सतर्कता को देते हुए बताया कि आबकारी एवं कर विभाग ने न केवल पुराने रिकॉर्ड तोड़े हैं, बल्कि एकमुश्त निपटारा स्कीम-2025 एवं आधुनिक डाटा एनालिटिक्स के माध्यम से टैक्स चोरी को रोकने में भी बड़ी सफलता हासिल की है।
वित्त मंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों की कार्यप्रदर्शन की समीक्षा करते हुए बताया कि जी.एस.टी. प्राप्ति में पिछले साल की तुलना में 2,467.30 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सितंबर 2025 में जी.एस.टी. दरों में हुई बदलावों (जिनमें आवश्यक वस्तुओं पर टैक्स 12% से घटाकर 5% किया गया था) के बावजूद, विभाग की नीतियों के कारण टैक्स प्राप्ति स्थिर रही। इसके साथ ही वैट एवं सी.एस.टी. प्राप्ति 5,451.76 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल से 3.35% अधिक है।
आबकारी विभाग के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि 'आबकारी नीति 2025-26' के तहत 11,020 करोड़ रुपये का वार्षिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में आबकारी राजस्व में रिकॉर्ड 16.36% की वृद्धि के साथ जहां राजस्व प्राप्ति 10,723 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी, वहीं इस साल नवंबर तक विभाग ने पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 8.64% की वृद्धि दर्ज की है। वित्त मंत्री ने बताया कि शराब की तस्करी एवं अवैध शराब के खिलाफ अभियान के तहत इस साल 3,860 एफ.आई.आर. दर्ज की गईं तथा 3,795 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
वित्त मंत्री ने आगे बताया कि एकमुश्त निपटारा स्कीम-2025 कर विभाग की एक बड़ी उपलब्धि रही है, जिसके तहत 18 दिसंबर 2025 तक 3,574 मामलों का निपटारा करके 52 करोड़ रुपये की वसूली की गई है तथा व्यापारियों को टैक्स में बड़ी राहत दी गई है। उन्होंने कहा कि टैक्स इंटेलिजेंस यूनिट की मदद से 344.06 करोड़ रुपये का टैक्स एवं जुर्माना वसूला गया है। इसके अलावा, जी.एस.टी.आर-3बी रिटर्न न भरने वालों पर निगरानी रखकर 2,185.96 करोड़ रुपये जमा करवाए गए हैं।
चीमा ने स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रीवेंटिव यूनिट्स (सिपू) की प्रशंसा करते हुए बताया कि अप्रैल एवं नवंबर 2025 के बीच 618.53 करोड़ रुपये के जुर्माने वसूले गए, जो पिछले साल की पूरी अवधि के दौरान 321.03 करोड़ रुपये थे। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए विभाग ने क्षमता निर्माण में भारी निवेश करते हुए एन.ए.सी.आई.एन. एवं जी.एस.टी.एन. जैसी राष्ट्रीय एजेंसियों के सहयोग से 144 विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से 5,111 अधिकारियों को ट्रेनिंग दी है। वित्त मंत्री ने कहा कि कर एवं आबकारी विभाग की इन एकीकृत रणनीतियों ने राजस्व सुरक्षा को मजबूत किया है तथा इस वित्तीय वर्ष के शेष समय के लिए निरंतर गति को सुनिश्चित बनाएंगी।
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