टी20 वर्ल्ड कप 2024 में बिना मैच खेले रह गए संजू सैमसन ने संघर्ष, धैर्य और ओपनिंग रोल में वापसी पर खुलकर रखी बात
टी20 वर्ल्ड कप 2024 में बिना मैच खेले रह गए संजू सैमसन ने संघर्ष, धैर्य और ओपनिंग रोल में वापसी पर खुलकर रखी बात
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भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के उतार-चढ़ाव, छूटे मौकों और टीम इंडिया में ओपनर के रूप में वापसी को लेकर बड़ा बयान दिया है। बीसीसीआई द्वारा जारी एक वीडियो में सैमसन ने स्वीकार किया कि टी20 वर्ल्ड कप 2024 का दौर उनके लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा, हालांकि टीम के 15 सदस्यीय स्क्वॉड का हिस्सा बनने को उन्होंने अपने लिए सम्मान की बात बताया।
संजू सैमसन उस ऐतिहासिक भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीता, लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि चीजें उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं चल रही थीं, लेकिन इसके बावजूद वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें टीम में जगह मिली। उन्होंने माना कि यह दौर कठिन था, लेकिन धैर्य बनाए रखना उनके लिए सबसे अहम रहा।
अपने करियर पर नजर डालते हुए सैमसन ने कहा कि टी20 फॉर्मेट में उनका सफर हमेशा अनिश्चितताओं से भरा रहा है। कभी मौके मिले, कभी इंतजार करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। उनका मानना है कि इस फॉर्मेट में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक हैं और खिलाड़ी को मानसिक रूप से मजबूत रहना पड़ता है।
सैमसन ने टीम इंडिया के लिए खेलते समय बाहरी दबाव को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जब आप भारत के लिए खेलते हैं तो शोर को नजरअंदाज करना आसान नहीं होता। ऐसे में उन्होंने खुद का एक “बबल” बनाया और छोटी-छोटी चीजों पर फोकस रखा। उन्हें पूरा भरोसा था कि मेहनत का फल एक दिन जरूर मिलेगा।
ओपनिंग में मिले अचानक मौके को सैमसन ने अपने करियर का टर्निंग पॉइंट बताया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में वह मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के तौर पर टीम में थे, लेकिन हालात बदले और उन्हें ओपनिंग का मौका मिला। करीब 10-11 पारियों में उन्होंने खुद को साबित किया, जिससे भारतीय टीम में ओपनर के रूप में उनकी जगह बनी।
अपने स्टॉप-स्टार्ट करियर पर बोलते हुए सैमसन ने कहा कि वह इसे नकारात्मक नहीं मानते। दस साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के बाद भी भारतीय जर्सी पहनने का जुनून उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। टी20 क्रिकेट में अपने निडर अंदाज को उन्होंने अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया।
संजू सैमसन ने टी20I कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ अपने मजबूत तालमेल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कप्तान के साथ खुला संवाद इस फॉर्मेट में बेहद जरूरी है। अब सैमसन न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20I सीरीज के पहले मुकाबले में भारत के लिए पारी की शुरुआत करते नजर आएंगे।
टी20 वर्ल्ड कप 2024 में बिना मैच खेले रह गए संजू सैमसन ने संघर्ष, धैर्य और ओपनिंग रोल में वापसी पर खुलकर रखी बात
भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के उतार-चढ़ाव, छूटे मौकों और टीम इंडिया में ओपनर के रूप में वापसी को लेकर बड़ा बयान दिया है। बीसीसीआई द्वारा जारी एक वीडियो में सैमसन ने स्वीकार किया कि टी20 वर्ल्ड कप 2024 का दौर उनके लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा, हालांकि टीम के 15 सदस्यीय स्क्वॉड का हिस्सा बनने को उन्होंने अपने लिए सम्मान की बात बताया।
संजू सैमसन उस ऐतिहासिक भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने टी20 वर्ल्ड कप 2024 का खिताब जीता, लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि चीजें उनकी उम्मीदों के मुताबिक नहीं चल रही थीं, लेकिन इसके बावजूद वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें टीम में जगह मिली। उन्होंने माना कि यह दौर कठिन था, लेकिन धैर्य बनाए रखना उनके लिए सबसे अहम रहा।
अपने करियर पर नजर डालते हुए सैमसन ने कहा कि टी20 फॉर्मेट में उनका सफर हमेशा अनिश्चितताओं से भरा रहा है। कभी मौके मिले, कभी इंतजार करना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी उम्मीद नहीं छोड़ी। उनका मानना है कि इस फॉर्मेट में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक हैं और खिलाड़ी को मानसिक रूप से मजबूत रहना पड़ता है।
सैमसन ने टीम इंडिया के लिए खेलते समय बाहरी दबाव को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जब आप भारत के लिए खेलते हैं तो शोर को नजरअंदाज करना आसान नहीं होता। ऐसे में उन्होंने खुद का एक “बबल” बनाया और छोटी-छोटी चीजों पर फोकस रखा। उन्हें पूरा भरोसा था कि मेहनत का फल एक दिन जरूर मिलेगा।
ओपनिंग में मिले अचानक मौके को सैमसन ने अपने करियर का टर्निंग पॉइंट बताया। उन्होंने कहा कि शुरुआत में वह मिडिल ऑर्डर बल्लेबाज के तौर पर टीम में थे, लेकिन हालात बदले और उन्हें ओपनिंग का मौका मिला। करीब 10-11 पारियों में उन्होंने खुद को साबित किया, जिससे भारतीय टीम में ओपनर के रूप में उनकी जगह बनी।
अपने स्टॉप-स्टार्ट करियर पर बोलते हुए सैमसन ने कहा कि वह इसे नकारात्मक नहीं मानते। दस साल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के बाद भी भारतीय जर्सी पहनने का जुनून उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। टी20 क्रिकेट में अपने निडर अंदाज को उन्होंने अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया।
संजू सैमसन ने टी20I कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ अपने मजबूत तालमेल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कप्तान के साथ खुला संवाद इस फॉर्मेट में बेहद जरूरी है। अब सैमसन न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20I सीरीज के पहले मुकाबले में भारत के लिए पारी की शुरुआत करते नजर आएंगे।
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