साइबर क्राइम विंग को दी गई निगरानी की जिम्मेदारी, नियम तोड़ने वालों की ACR और प्रमोशन पर पड़ेगा असर
साइबर क्राइम विंग को दी गई निगरानी की जिम्मेदारी, नियम तोड़ने वालों की ACR और प्रमोशन पर पड़ेगा असर
ख़बर खास, चंडीगढ़ :
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुलिस कर्मियों द्वारा यूनिफॉर्म पहनकर रील और एंटरटेनमेंट वीडियो पोस्ट करने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पंजाब पुलिस ने अब सख्त रुख अपना लिया है। विभाग की छवि पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए पुलिस मुख्यालय ने पूरे राज्य के पुलिस कर्मियों के लिए नई और कठोर गाइडलाइन्स जारी की हैं।
हाल के दिनों में कई पुलिस कर्मचारियों के वीडियो वायरल हुए, जिनमें वे यूनिफॉर्म में डांस, भांगड़ा या मनोरंजन से जुड़े कंटेंट बनाते दिखाई दिए। विभाग का मानना है कि ऐसे वीडियो अनुशासन और पुलिस की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। इसी कारण अब यह स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी पुलिस कर्मी ड्यूटी के दौरान या यूनिफॉर्म में किसी भी प्रकार का मनोरंजक वीडियो, रील या सोशल मीडिया कंटेंट पोस्ट नहीं करेगा।
DGP ऑफिस ने सभी रेंज IG, DIG, पुलिस कमिश्नरों और जिलों के SSP को आदेश भेजते हुए कहा है कि इस तरह की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाए। जिन कर्मचारियों को नियमों का उल्लंघन करते पाया जाएगा, उनके खिलाफ तुरंत विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि सोशल मीडिया पर गैर-अनुशासित व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए स्टेट साइबर क्राइम विंग को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। यह विंग राज्यभर में पुलिस कर्मियों की सोशल मीडिया एक्टिविटी पर नजर रखेगा, संदिग्ध पोस्ट की रिपोर्ट तैयार करेगा और समय-समय पर इन रिपोर्टों को DGP कार्यालय में प्रस्तुत करेगा। DGP की अध्यक्षता में होने वाली समीक्षा बैठकों में इन मामलों पर चर्चा होगी और दोषी पाए जाने वालों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
विभाग द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया गाइडलाइन का उल्लंघन सिर्फ एक सामान्य गलती नहीं समझा जाएगा। इसका सीधा असर कर्मचारी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) पर पड़ेगा। ACR में नकारात्मक टिप्पणियां होने पर प्रमोशन प्रभावित हो सकता है और कई मामलों में महत्वपूर्ण ड्यूटी असाइनमेंट भी छिन सकते हैं।
पंजाब पुलिस ने अपने आदेश में कहा है कि सोशल मीडिया पर पुलिस का आचरण हमेशा जिम्मेदार, गरिमामय और पेशेवर होना चाहिए। किसी भी प्रकार का ऐसा कंटेंट जो वर्दी की गरिमा या विभाग की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचाए, उस पर तुरंत रोक लगाई जाएगी और उल्लंघन करने वालों को सख्त दंड मिलेगा।
नई गाइडलाइन्स लागू होने के बाद सभी जिलों, कमिश्नरेट्स और रेंज स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। विभाग का कहना है कि सोशल मीडिया का उपयोग केवल सकारात्मक संवाद और जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किया जाना चाहिए, न कि मनोरंजन या व्यक्तिगत लोकप्रियता हासिल करने के लिए।
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