मुंडियां ने कहा कि ईज़ी रजिस्ट्री सुविधा ने जायदाद रजिस्ट्रेशन में पारदर्शिता और कुशलता का एक नया युग शुरू किया है।
मुंडियां ने कहा कि ईज़ी रजिस्ट्री सुविधा ने जायदाद रजिस्ट्रेशन में पारदर्शिता और कुशलता का एक नया युग शुरू किया है।
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब के राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने आज कहा कि हाल ही में शुरू किया गया ‘ईज़ी रजिस्ट्री’ प्रोजेक्ट जन-हितैषी सेवाएँ प्रदान करने में बेहद सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि जायदाद के रजिस्ट्रेशन को पारदर्शी, भ्रष्टाचार-मुक्त और सरल ढंग से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट दस्तावेज़ों की ऑनलाइन जाँच, वीआईपी कल्चर खत्म करने, नागरिकों को ऑनलाइन ढंग से असल समय की स्थिति की अपडेट प्रदान करने तथा डीड ड्राफ्टिंग व रजिस्ट्रेशन के लिए डोर-स्टेप डिलीवरी सेवाएँ उपलब्ध करा रहा है।
मुंडियां ने कहा कि ईज़ी रजिस्ट्री सुविधा ने जायदाद रजिस्ट्रेशन में पारदर्शिता और कुशलता का एक नया युग शुरू किया है। यह प्रोजेक्ट 48 घंटों के भीतर सब-रजिस्ट्रार द्वारा, बिना हस्ताक्षर वाली सेल डीड की ऑनलाइन जाँच सुनिश्चित करने के साथ-साथ झंझट कम करने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने में बहुत मददगार साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाई गई सभी आपत्तियों की निगरानी डिप्टी कमिश्नरों और एसडीएमज़ द्वारा की जा रही है तथा अनावश्यक आपत्ति लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की व्यवस्था की गई है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस प्रणाली के तहत जायदाद रजिस्ट्रेशन के लिए ‘पहले आओ, पहले पाओ’ का सिद्धांत लागू किया गया है जिससे किसी भी तरह के पक्षपात की संभावना खत्म हो जाती है। कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि नागरिक अपने ज़िले के भीतर किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जायदाद के दस्तावेज़ पंजीकृत करवा सकते हैं और इससे व्यक्तिगत कार्यालय के एकाधिकार को प्रभावशाली तरीके से समाप्त कर दिया गया है।
राजस्व मंत्री ने कहा कि अब आवेदकों को प्रक्रिया के हर चरण में दस्तावेज़ों की जाँच-पड़ताल, भुगतान और अपॉइंटमेंट आदि की स्वचालित व्हाट्सएप अपडेट मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत रिश्वत माँगने वाले व्यक्ति की शिकायत दर्ज करने के लिए एक सीधा ऑनलाइन शिकायत लिंक भी उपलब्ध कराया गया है, जिसका तुरंत निपटारा संबंधित डिप्टी कमिश्नर द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा।
राजस्व मंत्री ने कहा कि नागरिक अब पोर्टल पर ‘ड्राफ्ट माय डीड’ मॉड्यूल का उपयोग करके अपनी सेल डीड तैयार कर रहे हैं या प्रत्येक सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में स्थापित सेवा केंद्र काउंटर पर पहुंच करके वहां बैठे पेशेवरों जैसे वकील और सेवानिवृत्त पटवारी की सेवाएं प्राप्त करके 550 रुपये के निर्धारित शुल्क पर डीड ड्राफ्ट करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त हेल्पलाइन नंबर-1076 के माध्यम से डोर-स्टेप डिलीवरी सेवा चुनकर घर बैठे सेवाएँ ली जा सकती हैं। उन्होंने आगे कहा कि स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क समेत सभी भुगतान 25 बैंकों के माध्यम से एक ही बार ऑनलाइन तरीके से किए जा सकते हैं जबकि पहले ये सेवाएं केवल पांच बैंकों से ही प्राप्त की जा सकती थीं।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि एक एकीकृत टोकन प्रबंधन प्रणाली भी लागू की गई है, जिसके तहत अपॉइंटमेंट ले चुके और पूर्ण दस्तावेज़ों वाले नागरिकों को प्राथमिकता दी जाती है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस प्रणाली से लोगों को अनावश्यक देरी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि अपग्रेड सर्वरों, प्रशिक्षित स्टाफ और मानक प्रक्रियाओं के साथ यह प्रणाली पूरे पंजाब में एकसमान लागू की गई है, जो शहरों और गाँवों में पारदर्शी और कुशल सेवाएँ सुनिश्चित कर रही है।
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