महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में ओलंपिक पदक विजेता का शानदार प्रदर्शन
महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में ओलंपिक पदक विजेता का शानदार प्रदर्शन
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ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने राष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। महिलाओं के 48 किग्रा भार वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए मीराबाई ने एक ही प्रतियोगिता में तीन राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
मीराबाई ने कुल 205 किलोग्राम वजन उठाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इस दौरान उन्होंने स्नैच में 89 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 116 किलोग्राम वजन उठाया, जो दोनों ही नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड हैं। इन शानदार लिफ्ट्स के साथ उन्होंने ओवरऑल टोटल में भी नया रिकॉर्ड स्थापित किया।
31 वर्षीय मीराबाई ने अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से 6 किलोग्राम का बड़ा सुधार किया। इससे पहले उन्होंने 2022 वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप (फोर्डे) में 199 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता था। उस प्रतियोगिता में उन्होंने 48 किग्रा वर्ग में क्लीन एंड जर्क (115 किग्रा) और टोटल लिफ्ट में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाए थे।
दिसंबर 2023 में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में मीराबाई ने 91 किलोग्राम उठाकर अपना ही स्नैच रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकीं। इसके बावजूद उनका कुल प्रदर्शन इतना मजबूत रहा कि उन्होंने रजत पदक विजेता रोंडा सोनी को 22 किलोग्राम के बड़े अंतर से पछाड़ दिया। इस प्रतियोगिता में कोमल कोहार ने कांस्य पदक जीता।
मीराबाई चानू ने टोक्यो ओलंपिक 2020 में 49 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था, जबकि पेरिस ओलंपिक 2024 में वह इसी भार वर्ग में चौथे स्थान पर रहीं। अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन महासंघ (IWF) द्वारा ओलंपिक क्वालिफिकेशन से 49 किग्रा वर्ग हटाए जाने के बाद मीराबाई ने 2022 में 48 किग्रा वर्ग में कदम रखा।
इस बदलाव का उन्हें पूरा फायदा मिला। 48 किग्रा वर्ग में उतरने के बाद मीराबाई ने 2023 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में स्वर्ण और 2022 वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीता। इससे भारत की शीर्ष महिला वेटलिफ्टर के रूप में उनकी स्थिति और मजबूत हुई।
आगे की बात करें तो मीराबाई एशियन गेम्स के बाद 53 किग्रा वर्ग में जाने की योजना बना रही हैं। 53 किग्रा भार वर्ग ही लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 में महिलाओं का सबसे हल्का वर्ग होगा। खास बात यह है कि मीराबाई की सभी बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियां—तीन वर्ल्ड चैंपियनशिप और तीन कॉमनवेल्थ गेम्स पदक—50 किलोग्राम से कम भार वर्गों में आई हैं, जो उनकी निरंतर श्रेष्ठता को दर्शाता है।
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