कहा, सात साल की देरी ने पशु आहार माफिया को दी खुली छूट पिछली सरकारों ने 16,000 करोड़ के कारोबार वाले एक्ट को जानबूझकर कानूनी पेंच में फँसाया, किसानों का हुआ भारी नुकसान
कहा, सात साल की देरी ने पशु आहार माफिया को दी खुली छूट पिछली सरकारों ने 16,000 करोड़ के कारोबार वाले एक्ट को जानबूझकर कानूनी पेंच में फँसाया, किसानों का हुआ भारी नुकसान
खबर खास, अमृतसर/चंडीगढ़ :
आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ कैटल फीड, कंसंट्रेट्स एंड मिनरल मिक्सचर एक्ट, 2018' को लागू करने में हुई लगभग सात साल की देरी के लिए पिछली कांग्रेस और अकाली-भाजपा सरकारों को जिम्मेदार ठहराया है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया को सम्बोधित करते हुए धालीवाल ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों द्वारा जानबूझकर की गई लापरवाही और मिलीभगत ने किसानों और पशुपालकों के हितों को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे वे लंबे समय तक घटिया पशु आहार माफिया की लूट का शिकार होते रहे।
धालीवाल ने कहा कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने जमकर कानून की धज्जियां उड़ाईं। उसने संविधान के अनुच्छेद 304(b) की अनदेखी करते हुए, माननीय राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति लिए बिना ही यह महत्वपूर्ण बिल जल्दबाजी में विधानसभा में पेश कर दिया था। यह दिखाता है कि सरकार कितनी गैर-जिम्मेदार थी या फिर वह जानबूझकर इस कानून को कानूनी पेंच में फंसाना चाहती थी।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम पशु आहार की गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए था, जिसका सालाना कारोबार लगभग 16,000 करोड़ रुपये है। अधिनियम का मकसद था कि पंजाब के 65 लाख से अधिक पशुओं की सेहत सुधरे और किसानों को उच्च उत्पादकता मिले, जिससे उनकी आय बढ़े। लेकिन, पिछली सरकारों की मिलीभगत ने 1500-2000 अपंजीकृत फीड निर्माताओं को लूट की खुली छूट दी।
धालीवाल ने कहा कि सात साल तक इस एक्ट को ठंडे बस्ते में डालना साबित करता है कि पिछली सरकारें किसानों और पशुपालकों के हित नहीं, बल्कि मिलावटी चारा बनाने वाले माफिया के हितों की रक्षा कर रही थीं।धालीवाल ने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में पंजाब सरकार ने सत्ता संभालते ही इस कानूनी विसंगति को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया। हमने तुरंत कार्रवाई की और 18.11.2025 को राष्ट्रपति की पोस्ट फैक्टो सहमति प्राप्त की, जिससे अब यह कानून पूरी सख्ती से लागू किया जा सकेगा।
धालीवाल ने मिलावटखोरों को कड़ी चेतवानी देते हुए कहा कि जो भी निर्माता या डीलर मिलावटी या घटिया पशु चारा बेचते हुए पाया जाएगा, उसे सख्त कानूनी करवाई का सामना करना पड़ेगा।
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