17 साल की हरियाणा की गौरी राय ने लेह में इतिहास रचा, पहली बार Khelo India Winter Games में शामिल हुई फिगर स्केटिंग में जीता गोल्ड
17 साल की हरियाणा की गौरी राय ने लेह में इतिहास रचा, पहली बार Khelo India Winter Games में शामिल हुई फिगर स्केटिंग में जीता गोल्ड
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हरियाणा की 17 वर्षीय फिगर स्केटर गौरी राय ने Khelo India Winter Games 2026 (KIWG) के पहले चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए एडवांस कैटेगरी में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। यह मुकाबला लेह के नवांग दोरजेयन स्तोबदान स्टेडियम (NDS) में खेला गया, जहां पहली बार KIWG के इतिहास में फिगर स्केटिंग को आधिकारिक रूप से शामिल किया गया। ऐसे में गौरी की यह जीत न सिर्फ उनके करियर के लिए बड़ी उपलब्धि है, बल्कि भारतीय विंटर स्पोर्ट्स के लिए भी एक ऐतिहासिक पल बन गई।
गौरी गुरुग्राम में रहती हैं और उनके स्केटिंग सफर की शुरुआत रोलर स्केटिंग से हुई थी। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय तक रोलर स्केटिंग करती रहीं, लेकिन 2017 में गुरुग्राम के अम्बियंस मॉल में जब उन्होंने एक फिगर स्केटिंग इवेंट देखा, तब उनकी जिंदगी का लक्ष्य तय हो गया। गौरी ने कहा, “मैं ऐसा खेल चाहती थी जिसमें स्पीड भी हो और ग्रेस भी, और फिगर स्केटिंग देखकर मुझे लगा यही मेरा रास्ता है।” क्वाड स्केटिंग से लेकर इनलाइन और फिर फिगर स्केटिंग तक उनका सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा है।
हालांकि गोल्ड जीतने के बावजूद गौरी ने स्वीकार किया कि वे टॉप फिनिश की उम्मीद नहीं कर रही थीं। उन्होंने बताया कि ऊंचाई और कम ऑक्सीजन की वजह से वे अपने प्रदर्शन के दौरान सांस फूलने लगी थीं। गौरी ने कहा, “मैं इस ऊंचाई पर प्रैक्टिस करने की आदी नहीं हूं, इसलिए अपना बेस्ट नहीं दे पाई।” उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी प्रतिद्वंद्वी और फेवरेट मानी जा रही जेस्सी राज माथरापु के गिरने के बाद उनके लिए जीत की राह खुल गई।
गौरी ने कहा कि उनकी मां शुरू से ही उनकी जीत को लेकर भरोसे में थीं। रिजल्ट आने के बाद उन्होंने परिवार के साथ वीडियो कॉल पर खुशी मनाई और घर में सभी लोग पार्टी की मांग करते नजर आए। गौरी इससे पहले भारत के लिए दुबई में 2022 UAE Figure Skating Championship में सिल्वर भी जीत चुकी हैं और साउथ कोरिया, सिंगापुर, फिलीपींस और बुल्गारिया जैसे देशों में मुकाबले खेल चुकी हैं।
गुरुग्राम के मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाली गौरी ने Khelo India पहल की तारीफ करते हुए कहा कि SAI ने बेहद वर्ल्ड-क्लास आयोजन किया। उन्होंने NDS की स्मूद आइस सतह, शानदार रहने की व्यवस्था, खाना और ट्रांसपोर्ट सुविधाओं के साथ-साथ DD Sports जैसी मीडिया कवरेज को भी नए खेल को पहचान दिलाने के लिए जरूरी बताया।
अंत में गौरी ने भारत में फिगर स्केटिंग को आगे बढ़ाने के लिए बड़ी जरूरत बताई—बेहतर और ज्यादा आइस रिंक। उन्होंने कहा कि विदेशी खिलाड़ी रोजाना 16 घंटे तक प्रैक्टिस करते हैं, जबकि भारत में अभी सिर्फ दो आर्टिफिशियल आइस सतहें हैं—एक लेह और दूसरी देहरादून में। गौरी का मानना है कि ओलिंपिक साइज आइस रिंक बढ़ेंगे तभी इंटरनेशनल लेवल के खिलाड़ी तैयार होंगे। अब वे मार्च-अप्रैल में होने वाले International Skating Union Seminar की तैयारी में जुट गई हैं, जो खिलाड़ियों की इंटरनेशनल रेडीनेस का टेस्ट करता है।
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