यह पटीशन एक कथित कॉन्फ्रेंस कॉल की उस ऑडियो रिकॉर्डिंग पर आधारित है, जो वायरल हुई थी। राज्य सरकार ने संवैधानिक अदालतों में इस पटीशन के गैर-वाजि़ब होने संबंधी मूलभूत एतराज उठाये हैं।