यह पटीशन एक कथित कॉन्फ्रेंस कॉल की उस ऑडियो रिकॉर्डिंग पर आधारित है, जो वायरल हुई थी। राज्य सरकार ने संवैधानिक अदालतों में इस पटीशन के गैर-वाजि़ब होने संबंधी मूलभूत एतराज उठाये हैं।
यह पटीशन एक कथित कॉन्फ्रेंस कॉल की उस ऑडियो रिकॉर्डिंग पर आधारित है, जो वायरल हुई थी। राज्य सरकार ने संवैधानिक अदालतों में इस पटीशन के गैर-वाजि़ब होने संबंधी मूलभूत एतराज उठाये हैं।
खबर खास, चंडीगढ़ :
जिला पटियाला में हो रही जि़ला परिषद और पंचायत समिति चुनावों से संबंधित पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दायर एक जनहित पटीशन (पीआइएल) का पंजाब सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल श्री मनिंदरजीत सिंह बेदी ने कड़ा विरोध किया है। यह पटीशन एक कथित कॉन्फ्रेंस कॉल की उस ऑडियो रिकॉर्डिंग पर आधारित है, जो वायरल हुई थी। राज्य सरकार ने संवैधानिक अदालतों में इस पटीशन के गैर-वाजि़ब होने संबंधी मूलभूत एतराज उठाये हैं।
माननीय हाई कोर्ट में पेश होते हुए एडवोकेट जनरल ने सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न मामलों में दिए गए निर्णयों का हवाला देते हुए दलील दी कि चुनावों से संबंधित मामलों में ऐसी अपीलें मेंटेनेबल नहीं होतीं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित ऐसी पटीशनों पर संवैधानिक अदालतों द्वारा विचार नहीं किया जाना चाहिए।
पंजाब सरकार की ओर से रखे गए तथ्यों को उस समय और मजबूती मिली जब यह बताया गया कि पटीशनरों द्वारा चुनाव अधिकारियों को प्रस्तुत की गई कथित प्रतिवेदन राजनीतिक दलों के आधिकारिक लेटरहेड पर जारी की गई थी, जिससे पटीशनरों का पक्ष और कमजोर हो गया। एडवोकेट जनरल ने दलील दी कि यह स्पष्ट रूप से पटीशन के पक्षपातपूर्ण होने की पुष्टि करता है और इसे एक वास्तविक एवं उचित जनहित पटीशन के रूप में स्वीकार किए जाने की संभावना को और कम करता है।
एडवोकेट जनरल की इन दलीलों पर ध्यान देते हुए माननीय हाई कोर्ट ने पटीशनरों से यह स्पष्ट करने के लिए विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है कि इन कानूनी आपत्तियों के मद्देनजऱ पटीशन किस प्रकार मेंटेनेबल है। अब इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।
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