कहा,  ऐसा करने से उन पंजाबियों के साथ धोखा और भेदभाव होगा, जिन्होने देश के लिए सबसे अधिक बलिदान दिया हे और साथ ही चंडीगढ़ को पंजाब को सौंपने के वादे से पीछे हटना होगा