72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में जम्मू-कश्मीर की 6 खिलाड़ी हिजाब में खेलेंगी, आत्मविश्वास के साथ देने का दावा
72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में जम्मू-कश्मीर की 6 खिलाड़ी हिजाब में खेलेंगी, आत्मविश्वास के साथ देने का दावा
ख़बर ख़ास,सेहत :
वाराणसी की पावन धरती काशी में शुरू हुई 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल प्रतियोगिता इस बार खेल के साथ-साथ सामाजिक संदेश के कारण भी चर्चा में है। जम्मू-कश्मीर से आई महिला वॉलीबॉल टीम की 6 खिलाड़ी हिजाब पहनकर कोर्ट में उतरेंगी और अपने प्रदर्शन से यह साबित करेंगी कि खेल के मैदान में कपड़ों से नहीं, हौसले और मेहनत से पहचान बनती है।
जम्मू-कश्मीर टीम की खिलाड़ी सदफ मंजूर ने कहा कि “हिजाब हमारी आज़ादी की पहचान है। इसे पहनकर खेलने से हमें कोई रुकावट नहीं होती, बल्कि हम और बेहतर खेल पाते हैं। कभी किसी ने हमें रोका नहीं, परिवार का पूरा सहयोग मिला, तभी हम कश्मीर से वाराणसी तक का सफर तय कर पाए हैं।” उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हिजाब कोई बंदिश नहीं, बल्कि उनका निजी फैसला और स्वतंत्रता का प्रतीक है।
जम्मू-कश्मीर से वाराणसी पहुंची महिला टीम में कुल 14 खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें से कुछ खिलाड़ी पिछले 6 सालों से वॉलीबॉल खेल रही हैं, जबकि कुछ ने 2 साल पहले ही इस खेल में कदम रखा है। अनुभव और जोश का यह मेल टीम को खास बनाता है। खिलाड़ियों का कहना है कि उनका फोकस सिर्फ खेल पर है और वे देश के सामने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देना चाहती हैं।
4 जनवरी से शुरू हुई इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर से टीमें हिस्सा ले रही हैं। कश्मीर की महिला टीम न सिर्फ अपने खेल के लिए, बल्कि अपने आत्मविश्वास और सोच के लिए भी सराही जा रही है। खिलाड़ियों का मानना है कि समाज को यह समझने की जरूरत है कि खेल और पहचान साथ-साथ चल सकते हैं।
काशी में उतरने वाली ये खिलाड़ी एक मजबूत संदेश दे रही हैं—अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी पहचान, कोई भी पहनावा, सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकता। अब सबकी निगाहें कोर्ट पर होंगी, जहां कश्मीर की बेटियां हिजाब के साथ जोश, हुनर और जीत का जज़्बा दिखाएंगी।
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