A+ ग्रेड खत्म करने का प्रस्ताव, तीन फॉर्मेट खेलने वालों को मिल सकती है प्राथमिकता
A+ ग्रेड खत्म करने का प्रस्ताव, तीन फॉर्मेट खेलने वालों को मिल सकती है प्राथमिकता
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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) अपने सालाना सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। मौजूदा स्ट्रक्चर में शामिल A+ ग्रेड को खत्म करने और केवल तीन कैटेगरी—A, B और C—रखने का प्रस्ताव सामने आया है। न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अगर यह नया मॉडल लागू होता है, तो सीनियर बल्लेबाज विराट कोहली और कप्तान रोहित शर्मा को मौजूदा A+ ग्रेड से सीधे B ग्रेड में डिमोट किया जा सकता है।
फिलहाल BCCI के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में चार ग्रेड होते हैं। A+ ग्रेड के खिलाड़ियों को सालाना ₹7 करोड़, A ग्रेड को ₹5 करोड़, B ग्रेड को ₹3 करोड़ और C ग्रेड को ₹1 करोड़ दिए जाते हैं। यह रकम मैच फीस के अलावा होती है। A+ ग्रेड में अभी वही खिलाड़ी शामिल होते हैं, जो नियमित तौर पर तीनों फॉर्मेट—टेस्ट, वनडे और टी20—खेलते हैं या बोर्ड की प्राथमिक योजना में रहते हैं।
सूत्रों के अनुसार, नए प्रस्तावित मॉडल में सैलरी और ग्रेडिंग का पूरा ढांचा बदला जा सकता है। इसमें खिलाड़ियों की फॉर्मेट भागीदारी को सबसे अहम मानदंड बनाया जाएगा। जो खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट में लगातार उपलब्ध रहेंगे, उन्हें टॉप ग्रेड में रखने पर जोर होगा। वहीं, सीमित फॉर्मेट या चुनिंदा सीरीज खेलने वाले खिलाड़ियों को नीचे के ग्रेड में रखा जा सकता है।
इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह टीम इंडिया की भविष्य की रणनीति मानी जा रही है। BCCI अब युवाओं और ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ियों को ज्यादा मौके और स्थिरता देना चाहता है। माना जा रहा है कि बोर्ड प्रदर्शन के साथ-साथ फिटनेस, उपलब्धता और टीम की जरूरतों को भी ग्रेड तय करने का आधार बनाएगा।
हालांकि, यह प्रस्ताव अभी अंतिम नहीं है। इसे अगली एपेक्स काउंसिल मीटिंग में चर्चा के लिए रखा जाएगा। बैठक में फैसला होगा कि A+ ग्रेड पूरी तरह खत्म किया जाए या उसमें कुछ संशोधन किए जाएं। अगर यह बदलाव लागू होता है, तो भारतीय क्रिकेट के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में यह अब तक का सबसे बड़ा फेरबदल माना जाएगा, जिसका सीधा असर टीम के सीनियर और स्टार खिलाड़ियों पर पड़ सकता है।
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