परगट सिंह ने सीएम मान पर उठाया सवाल कहा, ट्रेड डील पर आम आदमी पार्टी कर रही खानापूर्ति, किया अमित शाह के सामने सेरेंडर पंजाब के किसानों के हितों से कोई समझौता स्वीकार नहीं, गंभीर मुद्दे पर कांग्रेस किसानों के साथ
परगट सिंह ने सीएम मान पर उठाया सवाल कहा, ट्रेड डील पर आम आदमी पार्टी कर रही खानापूर्ति, किया अमित शाह के सामने सेरेंडर पंजाब के किसानों के हितों से कोई समझौता स्वीकार नहीं, गंभीर मुद्दे पर कांग्रेस किसानों के साथ
खबर खास, चंडीगढ़ :
पूर्व शिक्षा मंत्री और विधायक परगट सिंह ने चेताया कि इंडिया-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट इस समय देश और खासकर किसानों के लिए बहुत गंभीर मुद्दा है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस मामले में खुद को किसानों के हितैशी बताने वाली आम आदमी पार्टी सिर्फ खानापूर्ति कर रही है और मुख्यमंत्री भगवंत मान चुप्पी साधे बैठे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों से कोई भी समझौता स्वीकार नहीं करेगी।
परगट सिंह ने कहा कि किसानों और खेतीबाड़ी को खत्म करने वाली इंडिया-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान देश के गृहमंत्री अमित शाह के सामने सरेंडर करके बैठे हैं। उन्होंने कहा कि हर छोटी-छोटी बात पर तीखी प्रतिक्रिया देने वाले मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की सरकार इस गंभीर ट्रेड एग्रीमेंट का चुप रहना कई सवाल खड़े करते हैं। उनकी यह चुप्पी साबित करती है कि इस एग्रीमेंट में भी आम आदमी पार्टी ए-टीम की लाइन पर चल रही है। उन्होंने कहा कि वह पहले ही कहते आ रहे हैं कि आम आदमी पार्टी भाजपा की बी-टीम के तौर पर काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि पंजाब और देश के अन्य किसानों के लिए घातक साबित होने वाला यह समझौता मात्र व्यापारिक दस्तावेज नहीं है, बल्कि देश के करोडों किसानों की रोजी-रोटी से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। अमेरिका जाने वाले खेती सामान पर 18 फीसदी ट्रैरिफ और अमेरिका के उत्पाद को भारत आने पर जीरो ट्रैफिक लगाने का सीधा असर देश के किसानों पर पड़ेगा। पंजाब के किसानों को पहले ही फसलों के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं। खेती की लागत भी बढ़ रही है। ऐसे में विदेशी उत्पादों से कंपीटिशन छोटे किसानों को बर्बाद कर देगा।
परगट सिंह ने कहा कि देश में ज्यादातर छोटे और मध्यम किसान हैं, जोकि बड़ी विदेशी कंपनियों के साथ कंपीटिशन में सक्षम नहीं हैं। अमेरिका से अगर गेहूं, मक्का, सोयाबीन और डेयरी उत्पाद भारतीय बाजार में कम कीमत पर आ गए तो उनकी कमर टूट जाएगी। किसान संगठन भी चिंतित हैं कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और कृषि सब्सिडी की नीतियों पर प्रभाव पड़ना तय है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले तीन काले कानून लाकर पंजाब के किसानों को मारने की कोशिश कर चुकी है। अब इस नई डील से उन्होंने फिर से पंजाब के किसान और किसानी को दांव पर लगा दिया है। परगट सिंह ने कहा कि इससे साफ होता है कि केंद्र सरकार और भाजपा इस ट्रेड डील के फायदे गिना कर किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। लेकिन पंजाब के किसान इस बार भी उनके बहकावे में नहीं आएंगे। इस डील का पूरी तरह से विरोध करेंगे। कांग्रेस इस मामले में उनके साथ है।
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