पूर्व विश्व चैंपियन ने कहा— बार-बार बुलाते रहे ‘अजित दादा’, सोचा था वक्त मिलेगा, पर अब सिर्फ पछतावा
पूर्व विश्व चैंपियन ने कहा— बार-बार बुलाते रहे ‘अजित दादा’, सोचा था वक्त मिलेगा, पर अब सिर्फ पछतावा
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार के आकस्मिक निधन से देशभर में शोक की लहर है। बुधवार सुबह हुए दर्दनाक विमान हादसे में अजित पवार समेत छह लोगों की मौत हो गई। इस दुखद घटना पर दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियन बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि अब उन्हें बारामती न जा पाने का बेहद अफसोस रहेगा।
पीवी सिंधु ने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्हें कई बार अजित पवार से मिलने का अवसर मिला और हर मुलाकात में वह उनके अनुशासन, कार्यशैली और जनता के प्रति उनके प्रेम से प्रभावित हुईं। सिंधु ने लिखा, “रेस्ट इन पीस, अजित दादा। आप अक्सर मुझसे कहते थे— ‘मेरी बारामती आना।’ मैं सोचती रही कि अभी वक्त है, बाद में आ जाऊंगी। कभी कल्पना भी नहीं की थी कि इस तरह पछताना पड़ेगा।”
बताया जा रहा है कि अजित पवार मुंबई से बारामती एक जनसभा में शामिल होने के लिए रवाना हुए थे। जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के बीच यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा था। सुबह करीब 9 बजे, मुंबई से उड़ान भरने के लगभग एक घंटे बाद विमान हादसे का शिकार हो गया। इस हादसे में अजित पवार के साथ पायलट कैप्टन शंभवी पाठक, कैप्टन सुमित कपूर, पिंकी माली और पीएसओ विदीप जाधव की भी जान चली गई।
सिंधु ने हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए लिखा कि एक साथ इतने परिवारों का उजड़ जाना दिल तोड़ देने वाला है और ईश्वर से सभी को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
अजित पवार ने 1991 से लगातार सात बार बारामती विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया और हर बार भारी बहुमत से जीत दर्ज की। महाराष्ट्र की सहकारी व्यवस्था में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती थी। वे 2025-29 कार्यकाल के लिए महाराष्ट्र ओलंपिक समिति के अध्यक्ष भी चुने गए थे। जल संसाधन, ऊर्जा और ग्रामीण विकास जैसे अहम मंत्रालयों को संभाल चुके अजित पवार का जाना महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
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