* महीपाल ढांडा ने की सरकारी स्कूलों के 10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणामों की समीक्षा बैठक * सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए गर्मियों की छुट्टियों में 10 दिन गांवों व शहरों में घर-घर जाएंगे शिक्षक
* महीपाल ढांडा ने की सरकारी स्कूलों के 10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणामों की समीक्षा बैठक * सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए गर्मियों की छुट्टियों में 10 दिन गांवों व शहरों में घर-घर जाएंगे शिक्षक
खबर खास, चंडीगढ़ :
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि देश में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को हरियाणा में लागू किया है। इस नीति का उद्देश्य विद्यार्थियों को राजकीय स्कूलों में बेहतर सुविधा व पढ़ाई का अच्छा वातावरण मुहैया करवाना है। इसके लिए शिक्षकों की जिम्मेदारी भी है कि वे विद्यार्थियों को खूब मेहनत से पढ़ाएं और कमजोर विद्यार्थियों पर और ज्यादा मेहनत करें। शिक्षा मंत्री सिविल सचिवालय में सरकारी स्कूलों के 10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणामों को लेकर शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों, डीईओ, बीईओ व प्रिंसिपलों के साथ हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
ढांडा ने कहा कि इस बात की खुशी है कि इस बार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में प्रदेश के सरकारी स्कूलों का परिणाम 85 प्रतिशत रहा है। अंग्रेजी विषय़ में 96 प्रतिशत, हिंदी में 99 प्रतिशत और गणित में 98 प्रतिशत परिणाम रहा है।
मंत्री ने बेतहर परीक्षा परिणाम वाले स्कूलों के प्रिंसिपलों को बधाई दी और परिणाम में पिछड़ने वाले स्कूलों को नसीहत दी कि वे ज्यादा मेहनत से विद्यार्थियों की पढ़ाई करवाएं, ताकि अगले साल परीक्षा परिणाम बेहतर हो सकें। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी नहीं रहने दी जाएगी। गर्मियों की छुट्टियों में सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षकों को 10-10 दिन गांवों व शहरों में घर-घर जाना होगा।
इस दौरान उन्होंने परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले 10 स्कूलों के प्रिंसिपलों को बधाई दी और उनके अनुभव जाने। इसी तरह से परीक्षा परिणाम में पिछड़ने वाले 10 स्कूलों के प्रिंसिपलों को उनकी कमियां बताई और सुधार करने के दिशा निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि राज्यों के जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम कम रहा है उनका तालमेल अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के प्रिंसिपल से बनवाया जाएगा, ताकि अगले साल उनका परीक्षा परिणाम भी बेहतर हो सके।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के 10वीं व 12वीं के आगामी परीक्षा परिणामों को और भी अच्छा करने के लिए पिछले 10 वर्षों के बोर्ड परीक्षा के पेपर छात्रों के अभ्यास के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि शैक्षणिक सहायता व परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने के लिए स्कूल के बाद अतिरिक्त कक्षाएं और संदेह-समाधान सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसी तरह से छात्रों के बीच वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए राज्य और जिला-स्तरीय प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी।
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